कूनो में तेंदुए का कहर, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, हाइवे पर रखी मरी गाय, दो घंटे जाम रहा कराहल-पोहरी मार्ग
MP News: कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और वन विभाग द्वारा लगाए जा रहे कथित झूठे आरोपों को लेकर रविवार को आदिवासी ग्रामीणों ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Feb 2026 12:06:33 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Feb 2026 12:06:32 PM (IST)
HighLights
- अब तक कई गाय-मवेशी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं
- आदिवासी समाज पर शिकार करने के आरोप लग रहे
- लापरवाही के आरोप, आश्वासन के बाद खुला जाम
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और वन विभाग द्वारा लगाए जा रहे कथित झूठे आरोपों को लेकर रविवार को आदिवासी ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। कराहल–पोहरी हाइवे पर बांसरैया गांव के पास ग्रामीणों ने मरी हुई गाय को सड़क पर रखकर करीब दो घंटे तक चक्का जाम कर दिया।
जाम सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला, जिससे हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
अब तक कई गाय-मवेशी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं
ग्रामीणों का कहना है कि कूनो क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुआ और अन्य जंगली जानवर खुलेआम गांवों के आसपास घूम रहे हैं। अब तक कई गाय-मवेशी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं, जिससे आदिवासी परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। इसके बावजूद न तो समय पर मुआवजा दिया जा रहा है और न ही मवेशियों की सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए हैं।
आदिवासी समाज पर शिकार करने के आरोप लग रहे
ग्राम सरपंच ममता आदिवासी ने बताया कि हाल ही में कूनो अभयारण्य की टीम डाग स्क्वॉड के साथ गांव पहुंची और घर-घर तलाशी ली गई। उस समय गांव के अधिकांश लोग खेतों और जंगल में काम पर गए हुए थे, कई घरों में केवल छोटे बच्चे मौजूद थे। जांच के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, फिर भी आदिवासी समाज पर शिकार करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बड़े तालाब और कमरमटी तालाब के पास तेंदुआ फंदे में फंसा मिला था, जिसका आरोप भी गांव वालों पर डाला जा रहा है, जबकि इसका उनसे कोई संबंध नहीं है।
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लापरवाही के आरोप, आश्वासन के बाद खुला जाम
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि विभाग जंगली जानवरों से सुरक्षा देने के बजाय ग्रामीणों को दोषी ठहराने में लगा है। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन काफी देर तक यातायात बहाल नहीं हो सका।
बाद में तहसीलदार रौशनी शेख और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा मवेशी हानि का नियमानुसार मुआवजा दिलाने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।