नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। बैंक का कर्ज नहीं चुकाने वालों पर अब तक कुर्की-वसूली की बात सुनते थे, लेकिन शिवपुरी में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने वसूली का नया फॉर्मूला निकाला है। कर्ज नहीं तो हथियार नहीं।
उल्लेखनीय है कि सहकारी बैंक से उधार लेने के बाद बकायादारों ने बैंक का पैसा जमा नहीं किया है, जिसकी वजह से बैंक को वित्तीय संकट झेलना पड़ रहा है और इसका सीधा असर दूसरे खाताधारकों के भुगतान पर पड़ रहा है।
31 लोगों को नोटिस थमाया गया
ऐसे में प्रशासन ने कर्ज वापस लेने के लिए एक नया फॉर्मूला निकालते हुए फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड से लाइसेंस मिलान के बाद रन्नौद, बैराड़, पोहरी, कोलारस, करैरा, दिनारा, इंदार, पिछोर, सुरवाया, देहात, बमौरकलां और खनियाधाना थाना क्षेत्र के इन 31 लोगों को नोटिस थमाया गया है, जिनके पास शस्त्र लाइसेंस हैं।
इन डिफाल्टरों को कर्ज वसूली के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है। नोटिस में साफ लिखा है, बकाया जमा नहीं किया तो शस्त्र लाइसेंस निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा।
इन लोगों को जारी किया नोटिस
सिरसौद के देहसुहारा निवासी हरवंश धाकड़ पर सबसे ज्यादा 7.86 लाख, सतेरिया के मोहन सिंह पर 6.97 लाख, बदरवास के बारई निवासी शिवनंदन सिंह यादव पर 5.29 लाख और बांसखेड़ा के पहलवान सिंह यादव पर 4.70 लाख रुपये बकाया है।
इसी तरह दतूला के नरेन्द्र गुर्जर पर 3.94 लाख, सतेरिया के महाराज सिंह रावत पर 3.60 लाख, कोटा के भूपेन्द्र सिंह पर 3.50 लाख, झिरी के मनीराम धाकड़ पर 3.24 लाख, भड़ौता के अमोल सिंह पर 3.24 लाख का कर्ज बकाया है।