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खेत बने तालाब, फसलों पर मंडराया संकट... शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश, उफान पर महुअर नदी; 12 गांव जलमग्न

पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश ने पिछोर अंचल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात पिछोर क्षेत्र में हुई म...और पढ़ें

By Devendra SamadhiyaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 08 Aug 2026 07:27:39 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Aug 2026 07:27:38 PM (IST)
खेत बने तालाब, फसलों पर मंडराया संकट... शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश, उफान पर महुअर नदी; 12 गांव जलमग्न
शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश, उफान पर महुअर नदी।

HighLights

  1. शिवपुरी के पिछोर में महुअर नदी का तांडव
  2. गुरुकुदवाया में घरों और स्कूलों में घुसा पानी
  3. फसलों में 50 फीसदी नुकसान की आशंका

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी/पिछोर। पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश ने पिछोर अंचल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात पिछोर क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण महुअर नदी में उफान आ गया। इस कारण पिछोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरुकुदवाया सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

सबसे बुरे हालात ग्राम पंचायत गुरुकुदवाया के हैं, जहां खेत अब खेत नहीं, तालाब नजर आ रहे हैं। सुबह के समय कई गांवों में पानी भरा होने के कारण गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया था। हालांकि बारिश थमने के बाद गांवों में से पानी निकलने लगा।


सैकड़ों एकड़ में खरीफ की फसल पानी में डूबी

गुरुकुदवाया, महुआखेड़ा, बूड़ोन शाजापुर, ऊमरीकलां, पायगा, भौंती और मनपुरा में सैकड़ों एकड़ में खड़ी खरीफ की फसल पानी में डूब गई। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सोयाबीन में 48 घंटे से ज्यादा जलभराव से जड़ें सड़ना शुरू हो जाती हैं। यानी नुकसान होना तय है।

गुरुकुदवाया के आसपास से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं। नालों का पानी रपटा-पुलिया के ऊपर से बह रहा है, जिससे गुरुकुदवाया का पिछोर और खनियांधाना मार्ग से सीधा संपर्क कट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।

खेतों में भरा 2 फीट पानी, खरीफ पर संकट

बारिश की सबसे बड़ी मार किसानों पर पड़ी है। गुरुकुदवाया, महुआखेड़ा और आसपास के गांवों में सैकड़ों एकड़ खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में खड़ी सोयाबीन, उड़द और मूंगफली की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है।

किसानों का कहना है कि यदि 24 घंटे में पानी नहीं निकला तो फसलें सड़ जाएंगी। 4 महीने की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि लगातार जलभराव से फसलों को 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

प्रभावित गांवों के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी की व्यवस्था की जाए।

घरों व स्कूल में भरा पानी

अत्यधिक वर्षा के कारण गांवों की निचली बस्तियों में लोगों के घरों में पानी भर गया, जिसके कारण उनके खाने-पीने का सामान खराब हो गया। गुरुकुदवाया में जल स्तर इतना बढ़ गया कि पानी घरों के साथ-साथ स्कूल तक पहुंच गया, जिसके कारण आज स्कूल में अघोषित अवकाश रहा।

एक ही दिन में 160 मिमी तक बरसा पानी

जिले में जारी मूसलाधार बारिश का सरकारी आंकड़ा सामने आ गया है। भू-अभिलेख कार्यालय से जारी वर्षा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में शिवपुरी जिले में औसत 63.38 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश बैराड़ क्षेत्र में 160 मिमी दर्ज की गई है। वहीं पोहरी में 80 मिमी, कोलारस में 78 मिमी और बदरवास में 75 मिमी बारिश हुई है।

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पिछोर में भी 68 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिले में इस सीजन की कुल वर्षा अब तक 377.20 मिमी हो चुकी है, जो सामान्य औसत 313.82 मिमी से 63.38 मिमी ज्यादा है। यानी अभी अगस्त में ही औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है।

कुछ गांवों में पानी भर गया था, मैंने वहां जाकर विजिट किया है। पानी अब कम हो गया है। जो रास्ते पानी में डूब गए थे, वह रास्ते भी अब खुल गए हैं। फसल और घरों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए राजस्व दल गठित किए जा रहे हैं, जो गांवों में जाकर सर्वे करेंगे। इसी आधार पर नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।- ममता शाक्य, एसडीएम, पिछोर

हाल ही में खाद-बीज में पैसा लगाया था, लेकिन अब खेतों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है। अगर कल तक पानी नहीं निकला तो कुछ नहीं बचेगा।- हरिराम यादव, गुरुकुदवाया

खोड़ से पिछोर रोड पर कई पुल नदी में उफान के चलते जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। इस रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही।- ताहिर खान, खोड़