नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। श्योपुर के करीब ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपित और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की पूर्व प्रतिभागी अमिता सिंह तोमर के तेवर जेल में भी कम नहीं हुए हैं। शिवपुरी सर्किल जेल में पहुंचने के बाद उन्होंने प्रारंभिक तौर पर जेल स्टाफ के साथ सहयोगात्मक रवैया नहीं अपनाया, जिसके बाद जेल प्रबंधन ने उन्हें समझाइश दी।
जेल में पूछताछ के दौरान नहीं किया सहयोग
सूत्रों के अनुसार जब अमिता सिंह जेल पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने उनसे नाम पूछा, लेकिन उन्होंने नाम बताने से इनकार करते हुए कहा कि नाम वारंट में लिखा हुआ है। अन्य पूछताछ में भी उन्होंने सहयोग नहीं किया।
बाद में उन्होंने चक्कर आने की शिकायत की, जिस पर डॉक्टर बुलाकर जांच कराई गई, लेकिन उनका स्वास्थ्य सामान्य पाया गया।
रुतबा दिखाते हुए कहा- मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं
शुक्रवार सुबह जेल की नियमित प्रक्रिया के दौरान उन्होंने महिला प्रहरियों से कहा- “तुम मुझे जानते नहीं हो, मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं।” इसके बाद जेल अधिकारियों ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर व्यवहार सामान्य रखने की समझाइश दी।
अन्य बंदी से मिलकर हुईं सामान्य
जेल में मौजूद एक अन्य बंदी साधना शर्मा, जो अपने पति की हत्या के आरोप में बंद है, से मिलने के बाद अमिता सिंह कुछ सामान्य हुईं। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानती हैं और दिनभर बातचीत करती रहीं।
शुरुआत में खाना खाने से किया परहेज
जेल में भोजन को लेकर भी उन्होंने शुरुआत में संकोच जताया और खाने से परहेज किया। बाद में समझाने पर उन्होंने थोड़ा-बहुत भोजन ग्रहण किया।
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