ग्रामीणों की तरकीब आई काम... चंदे से खरीदे बकरे का शिकार करने आए दो तेंदुए पिंजरे में कैद
Shivpuri News Today: तेंदुआ फैमिली में मां के साथ दो युवा तेंदुए शामिल थे। ये तेंदुए गांव के पास की पहाड़ी को अपना ठिकाना बनाए हुए थे और खेतों पर विचर...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 10:55:36 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 10:56:05 AM (IST)
HighLights
- शिवपुरी के छोटी हातौद गांव में तेंदुए का आतंक समाप्त
- कुत्ते के भौंकने से असफल हो रहा था वन विभाग का प्लान
- टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सुरक्षित छोड़े गए दोनों तेंदुए
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व से सटे हातौद और छोटी हातौद गांव में पिछले कई महीनों से डेरा जमाए तेंदुआ फैमिली की दहशत पर आखिरकार विराम लग गया है। वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने गुरुवार को बड़ी सूझबूझ से दो युवा तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर लिया। दोनों को सुरक्षित रूप से रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
खेतों में घूमते थे तेंदुए
हातौद निवासी मनीष मेहरोत्रा के अनुसार तेंदुआ फैमिली में मां के साथ दो युवा तेंदुए शामिल थे। ये तेंदुए गांव के पास की पहाड़ी को अपना ठिकाना बनाए हुए थे और खेतों पर विचरण करते थे। युवा होने के कारण ये छोटे-मोटे शिकार कर रहे थे। मंगलवार-बुधवार की रात विक्की के घर के पास से कुत्ते का शिकार भी किया गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने करीब पांच दिन पहले छोटी हातौद में पिंजरा लगाया था।
ग्रामीणों और टीम ने बनाया प्लान
तेंदुआ को पकड़ने के लिए विभाग द्वारा पिंजरे में कुत्ते को बतौर चारा बांधा गया, लेकिन तेंदुए के आते ही कुत्ता जोर-जोर से भौंकने लगता और तेंदुए भाग जाते। इसके बाद ग्रामीणों और टीम ने प्लान बदला। हातौद के ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर एक बकरा खरीदा। बुधवार-गुरुवार की रात बकरे को पिंजरे में बांधा गया। यह ट्रिक काम कर गई। बकरे को आसान शिकार समझकर दोनों युवा तेंदुए एक साथ पिंजरे के अंदर घुस गए और दरवाजा बंद हो गया। बाद में तेंदुओं ने जंगल में छोड़ दिया गया।