टीकमगढ़ में आजाद संकल्प यात्रा के दौरान पूर्व MLA आरडी प्रजापति के बिगड़े बोल, बहन-बेटियों पर कही ये बात
टीकमगढ़ के गांधी चौराहा पर आयोजित आजाद संकल्प यात्रा में पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के भाषण ने विवाद खड़ा कर दिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Mar 2026 09:47:14 AM (IST)Updated Date: Tue, 03 Mar 2026 09:58:37 AM (IST)
टीकमगढ़ में आजाद संकल्प यात्रा के मंच से पूर्व MLA आरडी प्रजापति के बयान पर छिड़ा विवाद। फाइल फोटोHighLights
- गांधी चौराहा पर हुई आजाद संकल्प यात्रा
- आरडी प्रजापति के बयान से बढ़ा विवाद
- मनु महाराज प्रतिमा का किया विरोध
नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़: टीकमगढ़ के गांधी चौराहा पर सोमवार को आजाद संकल्प यात्रा के तहत एक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे। सभा के दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के संबोधन ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके वक्तव्य को लेकर शहर के प्रबुद्ध वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
होली और अबीर पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए आरडी प्रजापति ने होली के त्योहार और अबीर के उपयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कुछ परंपराओं को स्वीकार नहीं करते। प्रजापति ने ‘अबीर’ शब्द की अपनी व्याख्या प्रस्तुत करते हुए इसे वीरता के विपरीत बताया और लोगों से अपनी सामाजिक पहचान के प्रति सजग रहने की अपील की।
उन्होंने समर्थकों को कुछ विशेष स्थानों और आयोजनों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी। भाषण के दौरान प्रयुक्त कुछ शब्द और उपमाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
प्रशासनिक निर्देशों पर उठे सवाल
ज्ञात हो कि सभा की अनुमति देते समय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी या जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि सभा के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर यह सवाल उठ रहे हैं कि निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। मंच से समाज के एक वर्ग के प्रति कठोर शब्दों के प्रयोग को सामाजिक समरसता के लिहाज से चिंताजनक माना जा रहा है।
मनु महाराज की प्रतिमा का विरोध
सभा में दामोदर यादव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने ग्वालियर में मनु महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। दामोदर यादव ने मांग की कि ग्वालियर न्यायालय परिसर में डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए, जिसे उन्होंने समाज के लिए अधिक प्रासंगिक बताया।