गैस संकट की अफवाह से हड़कंप, टीकमगढ़ में एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें, निगरानी के लिए तैनात किए पुलिस-पटवारी
टीकमगढ़ में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों ने उपभोक्ताओं के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। शहर क ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 13 Mar 2026 06:49:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Mar 2026 06:49:27 PM (IST)
गैस सिलिंडर रिफिल कराने के लिए खड़े हुए उपभोक्ता।HighLights
- अफवाहों ने बढ़ाई रसोई गैस के लिए मुसीबत
- उपभोक्ताओं ने सिलिंडरों को कतार में लगाया
- शहर की एजेंसियों पर सुबह से पहुंचे उपभोक्ता
नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। जिले में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों ने उपभोक्ताओं के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। शुक्रवार की सुबह शहर की तस्वीर किसी आपातकाल जैसी नजर आई, जहां गैस एजेंसियों के बाहर रिफिल सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। स्थिति इतनी बेकाबू दिखी कि लोग बायोमेट्रिक केवाईसी जैसी अनिवार्य प्रक्रिया को छोड़कर जल्द से जल्द सिलिंडर हासिल करने की होड़ में लगे रहे।
वितरण व्यवस्था ठप होने से परेशान हुए उपभोक्ता
शहर की गैस एजेंसियों में गिर्राज गैस एजेंसी, अमन गैस एजेंसी, श्रीहरि निर्मल गैस एजेंसी के बाहर का नजारा प्रशासन के दावों से उलट कहानी बयां कर रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से न तो ऑनलाइन बुकिंग साइट काम कर रही है और न ही वितरक घरों तक सिलिंडर पहुंचा रहे हैं। मजबूरी में लोग खुद ही अपनी गाड़ियों और कंधों पर खाली सिलिंडर लादकर एजेंसियों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए कहीं-कहीं तो सिलिंडरों को ही कतारबद्ध तरीके से लगा दिया गया, ताकि धक्का-मुक्की से बचा जा सके। जहां पर पुलिस बल भी मुस्तैद करना पड़ा।
पटवारियों को सौंपी कमान
अफवाहों के बाजार और बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने गैस डीलरों और पेट्रोल पंप मालिकों की आपात बैठक बुलाकर साफ किया कि जिले में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक है और आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। प्रशासन ने अब जिले की सभी 22 गैस एजेंसियों पर निगरानी के लिए हल्का पटवारियों को तैनात कर दिया है।
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कालाबाजारी पर होगी सीधे एफआईआर
ये कर्मचारी रोजाना एजेंसी खुलने से लेकर बंद होने तक स्टॉक और वितरण की पल-पल की रिपोर्ट खाद्य विभाग को देंगे। कलेक्टर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी एजेंसी संचालक या बिचौलिया सिलिंडर की कालाबाजारी करते या तय दर से अधिक वसूलते पाया गया, तो उस पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि अगले 48 घंटों के भीतर वितरण व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाए।