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टीकमगढ़ में भड़के केंद्रीय मंत्री: सांसद निधि से बने अटल सभागार में देखा घटिया निर्माण, बिना उद्घाटन किए ही लौटे वापस

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का कड़ा संदेश... मुझे फूल-माला नहीं, जनता के पैसे का टिकाऊ काम चाहिए।

By Manish AsatiEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 09 Jun 2026 10:41:54 AM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2026 10:42:35 AM (IST)
टीकमगढ़ में भड़के केंद्रीय मंत्री: सांसद निधि से बने अटल सभागार में देखा घटिया निर्माण, बिना उद्घाटन किए ही लौटे वापस
घटिया  निर्माण  कार्य  देखने  के  बाद  पीडब्ल्यूडी  के  ईई  को  फटकार  लगाते  हुए  मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार। नईदुनिया

HighLights

  1. अधिकारियों को फटकार
  2. कोटा स्टोन की जगह बिछा दी सीमेंट
  3. सीढ़ियों में दिखीं दरारें

नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्यों में लापरवाही के खिलाफ केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को लिधौरा ताल में अपनी सांसद निधि से निर्मित अटल सभागार का लोकार्पण करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने जब वहां का घटिया निर्माण देखा, तो वे भड़क गए। उद्घाटन से पहले ही उखड़े फर्श और दीवारों में दरारें देखकर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और बिना फीता काटे ही कार्यक्रम स्थल से वापस लौट गए।

गौरतलब है कि तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में नवनिर्मित अटल सभागार पहुंचे थे। उन्होंने सभागार के भीतर बैठकर विधि-विधान से पूजन तो किया, लेकिन जब उनकी नजर चारों तरफ बिखरी बदहाली पर पड़ी, तो उन्होंने उद्घाटन करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जनता के पैसे की इस तरह बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


सुधार होने तक रोका गया लोकार्पण

केंद्रीय मंत्री ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक सभागार के फर्श पर दोबारा कोटा स्टोन नहीं बिछाया जाता, सीढ़ियों की मरम्मत नहीं की जाती और पूरे भवन की गुणवत्ता में आवश्यक सुधार नहीं होता, तब तक इसका उद्घाटन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, विवेक चतुर्वेदी, किशन पटेरिया सहित भाजपा कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

कोटा स्टोन गायब, सीढ़ियों में दिखीं दरारें

सांसद निधि से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से सार्वजनिक उपयोग के लिए तैयार किए गए इस सभागार के निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को दी गई थी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि स्वीकृत मापदंडों के अनुसार सभागार के फर्श पर कोटा स्टोन लगाया जाना था, लेकिन उसकी जगह सिर्फ घटिया सीमेंट का फर्श बना दिया गया। सीमेंट फर्श उद्घाटन से पहले ही कई स्थानों पर उखड़ चुका था। इसके अलावा भवन की सीढ़ियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी और उनमें जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही थीं।

इंजीनियर को फटकार... मुझे फूल-माला नहीं, टिकाऊ काम चाहिए

निर्माण की पोल खुलने के बाद केंद्रीय मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री मनोज दुबे को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पूरी गुणवत्ता के साथ होना चाहिए और जनता के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा मुझे स्वागत-सत्कार या फूल-मालाओं की अपेक्षा नहीं है, बल्कि जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कार्य ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।