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टीकमगढ़ में हाई कोर्ट का सख्त रुख: अदालती आदेश की अनदेखी पर प्रभारी एसडीएम और नायब तहसीलदार सस्पेंड, प्रमुख सचिव ने मांगी माफी

यह पूरा मामला अवमानना याचिका राकेश एवं अन्य बनाम संजय जैन एवं अन्य से जुड़ा है।

By Manish AsatiEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sun, 05 Jul 2026 01:02:16 PM (IST)Updated Date: Sun, 05 Jul 2026 01:02:42 PM (IST)
टीकमगढ़ में हाई कोर्ट का सख्त रुख: अदालती आदेश की अनदेखी पर प्रभारी एसडीएम और नायब तहसीलदार सस्पेंड, प्रमुख सचिव ने मांगी माफी
जबलपुर हाई कोर्ट और एसडीएम संजय दुबे। फाइल फोटो

HighLights

  1. अदालती आदेश की अनदेखी पर जबलपुर हाई कोर्ट सख्त
  2. प्रभारी एसडीएम और नायब तहसीलदार तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
  3. प्रमुख सचिव ने कोर्ट में मांगी माफी, नए सिरे से जारी हुआ सही आदेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, ​टीकमगढ़। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों के पालन में लापरवाही और गलत आदेश पारित करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ की सख्ती के बाद राज्य शासन ने टीकमगढ़ जिले के जतारा के प्रभारी एसडीएम (राजस्व) संजय दुबे और लिधौरा के नायब तहसीलदार शिब्बू सिंह कसोरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अवमानना याचिका का निराकरण कर दिया है।

​यह पूरा मामला अवमानना याचिका राकेश एवं अन्य बनाम संजय जैन एवं अन्य से जुड़ा है। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर हुए।


​सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव ने कोर्ट के आदेशों के पालन में हुई अत्यधिक देरी के लिए बिना शर्त क्षमा याचना की। शासन की ओर से पेश किए गए अतिरिक्त अनुपालन प्रतिवेदन में बताया गया कि अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 30 जून 2026 को पारित किए गए गलत आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद 1 जुलाई 2026 को राजस्व मंडल के निर्देशों के अनुरूप नया सही आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं के नाम राजस्व रिकॉर्ड (अभिलेखों) में दर्ज कर दिए गए हैं।

​कलेक्टर को जांच के निर्देश

हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही बरतने पर दोनों दोषी अधिकारियों को 2 जुलाई को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही टीकमगढ़ कलेक्टर को वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

​भविष्य के लिए सख्त हिदायत

हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की सुस्ती के कारण विभाग के प्रमुख सचिव तक को कोर्ट में खड़ा होना पड़ा। अदालत ने प्रमुख सचिव को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में राजस्व विभाग के अधिकारी अदालती आदेशों का बिना किसी विलंब के अक्षरशः और उसके मूल भाव के साथ पालन करें।