मंदिर में पुजारी, पुरोहित उनके सेवक और भक्तों के होली खेलने पर प्रतिबंध, जानिए ये कैसे मनाएंगे महाकाल के साथ रंगों का पर्व
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को सबसे पहले होली मनाई गई। संध्या आरती में भगवान महाकाल को शकर से बनी माला पहनाई गई। इसके बाद हर्बल गुलाल अर्पित ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Mar 2026 07:00:00 AM (IST)Updated Date: Tue, 03 Mar 2026 07:49:49 AM (IST)
महाकाल मंदिर में होली उत्सव शुरू।HighLights
- महाकाल मंदिर में होली उत्सव शुरू
- शकर की माला और गुलाल से पूजन
- सुरक्षा के लिए पुलिस का कड़ा पहरा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को सबसे पहले होली मनाई गई। संध्या आरती में भगवान महाकाल को शकर से बनी माला पहनाई गई। इसके बाद हर्बल गुलाल अर्पित कर आरती की गई। आरती के बाद पुजारियों ने परिसर में होलिका का पूजन कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दहन किया।
भस्म आरती में बरसेंगे रंग
मंगलवार को तड़के चार बजे भस्म आरती में परंपरा के रंग बरसेंगे। पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में धुलेंडी के दिन सभी पांच आरती में भगवान को गुलाल अर्पित किया जाता है। मंदिर प्रशासन ने होली उत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाने की अपील की है।