
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में बिना अनुमति बने निर्माणों पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को भी क्षेत्र में बने निर्माणाधीन भवन को गिराया गया। सिंहस्थ को लेकर उज्जैन और आस-पास के इलाके में कई विकासकार्य चल रहे हैं। ऐसे में अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में बुनियादी ढांचे के विस्तार और आगामी सिंहस्थ 2028 की सुगम व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर विकास कार्य प्रारंभ कर दिए हैं। छत्रीचौक पानी की टंकी से ढाबा रोड होते हुए सत्यनारायण मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण का महत्वपूर्ण कार्य इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह परियोजना शहर के आंतरिक यातायात को सुव्यवस्थित करने और शिप्रा नदी तक श्रद्धालुओं की पहुंच को बाधा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस अभियान की सबसे उल्लेखनीय बात स्थानीय नागरिकों और भवन स्वामियों का अभूतपूर्व सहयोग है।
गेबी साहब हनुमान मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले इस मार्ग पर, कई भवन स्वामियों ने शहर के विकास में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं ही अपने मकानों के चिह्नित हिस्सों को हटा रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों की इस पहल की सराहना की है, जिससे कार्य की गति में तेजी आई है।
यह पूरी परियोजना वीडी क्लॉथ मार्केट से तेलीवाला, ढाबा रोड और टंकी चौक होते हुए शिप्रा नदी के छोटे पुल तक विस्तृत है। लगभग 1800 मीटर लंबे इस मार्ग को 18 मीटर तक चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ रुपये आएगी, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र की यातायात क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
चौड़ीकरण कार्य और भारी मशीनरी की आवाजाही के कारण प्रशासन ने इस मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और विकास कार्य में सहयोग प्रदान करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पूर्व ड्रेनेज और मुख्य निर्माण का बड़ा हिस्सा पूर्ण कर लिया जाए।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने इस सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए निर्माण एजेंसी को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि चूंकि नागरिक स्वयं सहयोग कर रहे हैं, इसलिए एजेंसी अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग करे और आवश्यकता पड़ने पर रात्रि में भी कार्य जारी रखें।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि तोड़फोड़ के साथ ही तत्काल मलबा उठाया जाए ताकि क्षेत्र में गंदगी न फैले। ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नालियों की नियमित सफाई कराए। पानी की पाइपलाइन में किसी भी प्रकार के लीकेज को रोकने के लिए संधारण टीम मौके पर तैनात रखे। कार्यक्षेत्र और आसपास के मार्गों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करें।