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उज्जैन में रविवार रात 12 बजे खुलेंगे भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे चलेगा दर्शन का सिलसिला

Nagchandreshwar Mandir Ujjain: विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 16 अगस्त रविवार रात 12 बजे खुलेंगे।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 15 Aug 2026 01:16:18 PM (IST)Updated Date: Sat, 15 Aug 2026 01:35:27 PM (IST)
उज्जैन में रविवार रात 12 बजे खुलेंगे भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे चलेगा दर्शन का सिलसिला
महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर और मंदिर के अग्रभाग में विराजित भगवान उमा–महेश्वर की दुर्लभ मूर्ति। फोटो - नईदुनिया

HighLights

  1. महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि जी महाराज पूजा करेंगे
  2. नागपंचमी के दिन भगवान नागचंद्रेश्वर की तीन बार पूजा होगी
  3. 17 अगस्त सोमवार रात 12 बजे तक लगातार दर्शन हो सकेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खुलेंगे। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि जी महाराज द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी। पूजन के पश्चात दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 17 अगस्त की रात 12 बजे तक लगातार चलेगा।

नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी। 17 अगस्त की दोपहर 12 बजे शासन की ओर से पूजा की जाएगी। शाम 7:30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद मंदिर के पुजारी-पुरोहित भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद रात 12 बजे फिर महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा पूजा कर मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।


मंदिर प्रशासन ने नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर और भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर जूता स्टैंड, क्लाक रूम, खोयापाया केंद्र, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर भी रहेंगे।

महाकाल व नागचंद्रेश्वर दर्शन व्यवस्था

भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर

सामान्य दर्शन : भगवान नागचंद्रेश्वर के निश्शुल्क दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग स्थित सामान्य दर्शनार्थियों के द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से दर्शनार्थी भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए प्रवेश द्वार क्रमांक-4 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम होते हुए भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड होते हुए श्रद्धालु पुन: कर्कराज पार्किंग की ओर जाएंगे।

शीघ्र दर्शन : भगवान नागचंद्रेश्वर के शीघ्र दर्शन के लिए दर्शनार्थी हरसिद्धि चौराहा से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से मंदिर के गेट नं. 5 होते हुए विश्रामधाम पहुंचेंगे। तथा भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड होते हुए हरसिद्धि पाल की ओर जाएंगे।

भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर

सामान्य दर्शन : श्रावण मास के तीसरे सोमवार के संयोग में आई नागपंचमी पर भगवान महाकाल के निश्शुल्क दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी प्रवेश द्वार से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद श्रद्धालु नंदी द्वार, मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप और कार्तिक मंडप होते हुए दर्शन मार्ग पर पहुंचेंगे। दर्शन के बाद एम्बुलेंस गेट से निकासी और पिनाकी द्वार से बाहर जाने की व्यवस्था रहेगी।

महाकाल शीघ्र दर्शन : शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश नीलकंठ द्वार से निर्धारित किया गया है।

अग्रभाग में नेपाल की मूर्ति, गर्भगृह में नागचंद्रेश्वर

महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के जिस मंदिर में भक्तों को साल में सिर्फ एक बार नागचंमी पर भगवान के दर्शन होते हैं। मंदिर के अग्रभाग में उमा-महेश्वर की प्राचीन मूर्ति है। पुराविद् डॉ.रमण सोलंकी ने बताया सिंधिया राजवंश इस मूर्ति को नेपाल से उज्जैन लेकर आए थे। करीब 350 साल पहले जब मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया, तब इस दुर्लभ प्रतिमा को मंदिर के अग्रभाग में स्थान दिया गया। मंदिर के गर्भगृह में भगवान नागचंद्रेश्वर शिवलिंग रूप में विराजित हैं।

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