
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : शहर में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। ठगों ने रेडियो विभाग से सेवानिवृत्त एसआई और एक दुकान संचालक के बैंक खातों से कुल 3 लाख 54 हजार 500 रुपये निकाल लिए। दोनों मामलों में नानाखेड़ा और माधव नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस के अनुसार बसंत विहार कालोनी निवासी देवेंद्र पुत्र शिवदयाल राय उम्र 69 वर्ष रेडियो विभाग से एसआई के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने गूगल पर डॉक्टर का नंबर तलाशकर फोन किया था। इस दौरान फोन साइबर ठग को लग गया था।
ठग ने उन्हें झांसे में लेकर एटीएम कार्ड का सीवीसी और पिन नंबर हासिल कर लिया और बैंक खाते से 2 लाख 55 हजार रुपये निकाल लिए। एसआई ने एटीएम कार्ड ब्लॉक भी करवा दिया था, लेकिन तब तक खाते से रकम निकल चुकी थी। मामले में नानाखेड़ा पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
इसी प्रकार देसाईनगर निवासी हितेश अखंड के साथ 99 हजार 500 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई। हितेश जीरो प्वाइंट ब्रिज के पास एवरफ्रेश नाम से दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने 18 अक्टूबर को मोबाइल पर बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो खाते से 99 हजार 500 रुपये कटने की जानकारी मिली। बैंक से जानकारी लेने के बाद उन्होंने माधव नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
उज्जैन: जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने की बात पर हुए विवाद में जेसीबी मशीन से हमला कर युवक को घायल कर दिया था। आरोपित को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो साल के सश्रम कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया है।
नवम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, उज्जैन ने आरोपित लक्ष्मण उर्फ लक्ष्मणसिंह बंजारा उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम भीलखेड़ा चौकी पानबिहार थाना घट्टिया को धारा 325 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।उप-निदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खाण्डेगर ने बताया कि फरियादी भैरूलाल ने लक्ष्मण बंजारा से आठ बीघा जमीन का 8.50 लाख रुपये में सौदा किया था। 29 अगस्त 2016 को पूरी राशि देकर तीन महीने में रजिस्ट्री कराने का इकरार हुआ था।
समय बीतने के बाद भी आरोपित ने रजिस्ट्री नहीं की। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। 3 अगस्त 2017 को भेरूलाल मोटरसाइकिल से घर जा रहा था। उज्जैन-आगर रोड पर ढाबला फंटे के आगे नाहरिया के पास आरोपित अपनी जेसीबी मशीन लेकर पहुंचा। उसने भेरूलाल को रोककर गाली-गलौज की।
फरियादी ने विरोध किया तो आरोपित ने जेसीबी से हमला कर दिया। इससे भेरूलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मेडिकल जांच में गंभीर चोट सामने आने पर प्रकरण में धारा 325 भादवि बढ़ाई गई थी। अभियोजन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी हार्दिक देवकर ने पैरवी की।
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