
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल क्षेत्र विकास योजना को गति देने के लिए बेगमबाग में एक बार फिर उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) का बुलडोजर गरजा। जिला प्रशासन के साथ मिलकर यूडीए ने क्षेत्र के छह बहुमंजिला अवैध भवनों को जमींदोज किया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि महाकाल पथ से अब हर बाधा हटाई जाएगी।
कार्रवाई के लिए सुबह होते ही प्रशासनिक अमला जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ बेगमबाग क्षेत्र पहुंच गया था। संकेत मिलते ही ध्वस्तीकरण शुरू हुआ और कुछ ही घंटों में विशाल इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। कार्रवाई के दौरान बशीरन बी, अब्दुल रफीक, मो. जिशान, अब्दुल गनी, बिल्किस बानो और मोहम्मद शकील के भवनों को गिराया गया। अधिकारियों के अनुसार इन भवनों में आवासीय लीज के बावजूद होटल और रेस्टोरेंट संचालित किए जा रहे थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन था।
बेगमबाग में अवैध मकान हटाने की कार्रवाई पिछले साल शुरू हुई थी। सालभर में यहां से 45 भूखंडों पर बने 95 अवैध निर्माणों में से अब तक 64 मकानों को हटाया जा चुका है। शनिवार की कार्रवाई इस श्रृंखला की छठीं बड़ी कार्रवाई रही। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि शेष मकानों पर जैसे ही न्यायालयीन अड़चनें हटेंगी, उन्हें भी तत्काल हटाया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार खाली कराई गई जमीन का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। हरिफाटक से महाकाल चौराहे तक 24 मीटर चौड़ा मार्ग विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा। साथ ही आधुनिक पाथवे, पार्किंग जोन, स्मार्ट लाइटिंग और हरित पट्टी विकसित की जाएगी। यह पूरा विकास कार्य करीब 371 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मंदिर तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार बेगमबाग क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करना प्राथमिकता है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों का सामान सड़कों पर नजर आया, लेकिन प्रशासन का रुख साफ रहा, नोटिस अवधि पूरी होने के बाद किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि लगातार हो रही कार्रवाई से भू-माफियाओं में खौफ है और आने वाले समय में यह क्षेत्र सुव्यवस्थित, आधुनिक और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से और अधिक विकसित स्वरूप में नजर आएगा।