
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल मंदिर समिति नंदी मंडपम को नवश्रृंगारित करने की योजना बना रही है। सब कुछ ठीक रहा तो श्रावण से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। करीब 20 लाख रुपये की लागत से होने वाले निर्माण कार्य का जिम्मा उज्जैन विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में वर्ष 2014-15 में 450 किलो चांदी से गर्भगृह को रजत मंडित किया गया था, उस समय से ही नंदी मंडपम को श्रृंगारित करने पर विचार किया जा रहा था। एक दशक में गई योजनाएं बनी, लेकिन अमल में नहीं आ पाई। इस बार प्रशासक प्रथम कौशिक ने योजना तैयार कर इसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर ली है।
सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने बताया करीब 20 लाख रुपये की लागत से नंदी मंडपम को नवश्रृंगारित करने की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत नंदी मंडपम की छत आसपास खुले हिस्से को कवर किया जाएगा। साथ ही विद्युत लाइन, कैमरा केबल तथा गर्भगृह में लगे कुलिंग सिस्टम के पाइपों को अंडरग्राउंड करने की योजना है। नंदी मंडपम की छत तथा दीवारों पर पेंटिंग होगी। नंदी मंडपम में लगे ब्रास के खंबों पर पॉलिश की जाएगी।
महाकाल मंदिर में चारों ओर सुंदरीकरण व विकास के काम हो रहे हैं। केवल नंदी मंडपम के रूप में मंदिर का महत्वपूर्ण स्थान उपेक्षित दिखाई देता है। हालांकि मंदिर प्रशासन द्वारा महाशिवरात्रि, श्रावण मास, दीपावली आदि महापर्वों पर फूलों से नंदी मंडपम की सजावट कराई जाती है। दानदाता आर्टिफिशियल सौंदर्य सामग्री से भी नंदी मंडपम की सज्जा करवाते हैं। लेकिन अब साज सज्जा स्थाई रूप लेने जा रही है।
गर्भगृह की तरह नंदी मंडपम को रजत मंडित करने का विकल्प अभी खुला है। मंदिर समिति ज्योतिर्लिंग की गरिमा के अनुरूप नंदी मंडपम को भी पूरी तरह रजत मंडित करेगी। बताया जाता है इसके लिए कई दानदाता और पुजारियों के यजमान तैयार हैं। बताया जाता है मंदिर समिति के पास भी 700 किलो से अधिक चांदी का स्टाक है। ऐसे में नंदी मंडपम को रजत मंडित करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।