
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 को लेकर यातायात व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में उज्जैन यातायात पुलिस ने शहर में संचालित ऑटो और ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत सभी ऑटो और ई-रिक्शा निर्धारित यूनिक आईडी के आधार पर दो पालियों में संचालित किए जाएंगे।
बिना यूनिक आईडी या निर्धारित शिफ्ट का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस के अनुसार शहर में करीब पांच हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इन वाहनों के कारण प्रमुख मार्गों पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने और यातायात को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
महाकाल मंदिर क्षेत्र में ऑटो संचालन को व्यवस्थित करने के बाद अब इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अगले सात दिनों के भीतर यातायात थाना पहुंचकर यूनिक आईडी प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए वाहन के वैध दस्तावेज और आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संबंधित वाहन को यूनिक आईडी जारी की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद बिना यूनिक आईडी के किसी भी ऑटो या ई-रिक्शा का संचालन नहीं किया जा सकेगा। साथ ही यदि कोई चालक निर्धारित पाली के अतिरिक्त समय में वाहन चलाते हुए पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था किसी को असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि आगामी सिंहस्थ के दौरान संभावित यातायात दबाव को देखते हुए लागू की जा रही है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेगी।
श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी तथा आवागमन सुगम होगा। पुलिस ने ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों, परिवहन संगठनों और नागरिकों से नई व्यवस्था के पालन में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सिंहस्थ-2028 के पहले ही शहर में बेहतर यातायात प्रबंधन की मजबूत नींव तैयार की जा सके।
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