
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। ककरेली क्षेत्र के गुरुवाही गांव में 14 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को पहुंचाने के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। धनवाही ग्राम पंचायत ने परिवहन में लगे पांच वाहनों के बिल लगाकर 20 हजार 700 रुपये का भुगतान दर्शाया। लेकिन बिल पर दर्ज दो नंबरों की पड़ताल करने पर वह मोटरसाइकिलों के पाए गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मोटर साइकिलों से लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। उन्होंने लाडली बहना योजना की किश्त भी जारी की थी। हितग्राहियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित पंचायतों को दी गई थी। धनवाही पंचायत ने एमपी-17-जेडए-1482 और एमपी-54-जेडसी-1817 नंबरों के बिलों पर तीन हजार से 4 हजार 900 रुपये तक का भुगतान दर्शाया है।
पंचायत सचिव शिखा गुप्ता ने कहा कि अभी भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, जब टू-व्हीलर ले ही नहीं गए तो उसका भुगतान क्यों करेंगे। उन्होंने सरपंच से जानकारी लेकर मामला दिखवाने की बात कही। वहीं जनपद पंचायत करकेली के सीईओ डा. प्रभांशु सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि टू-व्हीलर कामर्शियल वाहन नहीं हैं।