

संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, उमरिया, पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व में आगामी पर्यटन सीजन वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक होने वाला है। रिजर्व में बाघों की नई पीढ़ी लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। पी-652 के नए शावकों के बाद अब पी-141 की सब-एडल्ट बेटी ने भी वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस युवा बाघिन को पन्ना की ‘क्वीन इन मेकिंग’ यानी भविष्य की रानी के रूप में देखा जा रहा है।
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के साथ उनके नए क्षेत्रों में फैलाव की प्रक्रिया भी लगातार देखने को मिल रही है। जैसे-जैसे युवा बाघ और बाघिनें वयस्क होती हैं, वे अपनी मां के क्षेत्र से अलग होकर अपने लिए नया इलाका तलाशती हैं। पी-141 की यह बेटी भी अब उसी दौर में प्रवेश कर रही है। आने वाले समय में वह पन्ना के जंगल में अपना स्वतंत्र क्षेत्र स्थापित कर सकती है।
पन्ना की पहचान देश के उन टाइगर रिजर्वों में होती है, जहां बाघ पुनर्स्थापना की कहानी ने दुनिया का ध्यान खींचा है। इसी सफलता के कारण यहां जन्म लेने वाली हर नई पीढ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पी-652 के शावकों की मौजूदगी और अब पी-141 की युवा बेटी की गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि पन्ना के जंगलों में बाघों का कुनबा लगातार आगे बढ़ रहा है।
हालांकि इस युवा बाघिन के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। अपना क्षेत्र स्थापित करने, पर्याप्त शिकार क्षेत्र तलाशने और अन्य बाघों से दूरी बनाए रखने जैसी प्राकृतिक चुनौतियां उसके सामने रहेंगी।
आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की नजर इस युवा बाघिन पर विशेष रूप से रहेगी। अब देखना होगा कि ‘डायमंड पन्ना’ की धरती पर यह नई पीढ़ी की बाघिन कब अपने स्वतंत्र साम्राज्य की स्थापना करती है और भविष्य में पन्ना की अगली ‘क्वीन’ के रूप में उभरती है।
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