
संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, उमरिया। मध्य प्रदेश के दो टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ और कान्हा गंभीर वायरस की जद में हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हथिनी गायत्री की मौत के बाद अब टाइगर रिजर्व के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एंथ्रेक्स अलर्ट जारी कर दिया गया है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में केनाइन डिस्टेम्पर वायरस से प्रभावित एक बाघिन का पूरा कुनबा खत्म होने के बाद पार्क प्रबंधन ने आसपास के गांवों के लोगों को और वन विभाग के अमले को अलर्ट कर दिया है कि वे आवारा कुत्तों को जंगल में प्रवेश न करने दें।
पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की स्थिति जानने पहुंचने लगे हैं। साथ ही पशुओं को टीका भी लगाए जाने लगे हैं। पहले दिन बांधवगढ से लगे ग्राम बिझरिया में पशु पालकों को एंथ्रेक्स टीकाकरण की जानकारी दी गई और मवेशियों को टीका लगाया गया।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डा अविनाश सिंह ने बताया कि पशुधन की सुरक्षा एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से एंथ्रेक्स टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा। एंथ्रेक्स एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो पशुओं के साथ-साथ मनुष्यों में भी फैल सकता है।
टीकाकरण की जानकारी देते हुए उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं चिकित्सक अविनाश सिंह ने बताया कि ताला, कथली, लखोमर, राखी, माला बिझरिया के करीब 15 साै मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है और टीकाकरण का कार्य लगातार चल रहा है।
चिकित्सक अविनाश सिंह का कहना है कि टीकाकरण के पहले स्क्रीनिंग भी की जा रही है और साथ ही गांव के लोगों को रोग के प्रति सचेत भी किया जा रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही रेंज के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों की स्क्रीनिंग उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा की जा रही है।
जिला अस्पताल के सीएस डा केसी सोनी का कहना है कि एंथ्रेक्स एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो बैसिलस एंथ्रेसिस नामक बैक्टीरिया से होता है।
यह रोग संक्रमित पशुओं के मांस, ऊन या चमड़े के संपर्क में आने से फैलता है। यह बीमारी कई रूप में देखने को मिलती है। जिसमें सबसे आम, त्वचा पर गहरे रंग के अल्सर होते हैं। सबसे गंभीर, फ्लू जैसे लक्षण जो सांस लेने में तकलीफ में बदलते हैं।
संक्रमित मांस खाने से भी यह रोग फैलता है और उल्टी-दस्त होने लगते हैं। इसका प्रमुख लक्षण है कि बुखार, गले में खराश, त्वचा पर छाले, सांस फूलना, और पेट दर्द होने लगता है। यह रोग जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है और इसके स्पोर्स पर्यावरण में अत्यंत प्रतिरोधी होते हैं।