
नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। पारिवारिक भूमि के बंटवारा, नामांतरण और फौती प्रकरण में कार्रवाई करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगना एक पटवारी को भारी पड़ गया।
लोकायुक्त भोपाल की टीम ने शुक्रवार को नटेरन तहसील के पीछे स्थित उसके निजी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी संदीप यादव को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार काठी मोहल्ला, लवकुश मार्ग निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने 6 जुलाई को पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया था कि उसकी पारिवारिक भूमि के बंटवारा, नामांतरण और फौती संबंधी प्रकरण में कार्रवाई करने के एवज में पटवारी संदीप यादव 30 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया।
जांच में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की गई। शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 30 हजार रुपये दिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई आरोपी के निजी कार्यालय में की गई, जो तहसील कार्यालय के पीछे संचालित हो रहा था।
लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम-2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल संभाग के मार्गदर्शन में निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले के नेतृत्व में की गई। ट्रैप दल का नेतृत्व निरीक्षक कविन्द्र सिंह चौहान ने किया, जबकि टीम में निरीक्षक रजनी तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।