
अजय जैन, विदिशा। सरकारी स्कूलों में 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई "मुख्यमंत्री ई-स्कूटी, मोटराइज्ड वाहन योजना" में विद्यार्थी या पालक के खाते में आई रकम से स्कूटी खरीदना अनिवार्य होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो विभाग इस रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए पालक के विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर भी कराई जा सकती है।
राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से 12वीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ स्कूल के टॉपर विद्यार्थियों के लिए बनी स्कूटी योजना को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं।
इसमें स्पष्ट कहा गया है कि पात्र विद्यार्थी पसंद का इलेक्ट्रिक वाहन चुन सकेगा। ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये व मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये की राशि तय की गई है। लेकिन इस राशि से कोई दूसरा वाहन नहीं खरीदा जाएगा। वाहन की निर्धारित राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। विद्यार्थी का खाता नहीं होने पर राशि माता-पिता या अभिभावक के खाते में भेजी जाएगी। रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एसेसरीज की राशि संबंधित वाहन विक्रेता को दी जाएगी।
राशि उपलब्ध होने के बाद वाहन की खरीदी सुनिश्चित कराना जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। सरकार ने राशि मिलने के बाद वाहन नहीं खरीदने की स्थिति को भी गंभीरता से लिया गया है। ऐसे मामले में विद्यार्थी और उसके पालक के साथ संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। जिला परिवहन अधिकारी, जिला कोषालय अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
विद्यार्थी द्वारा वाहन नहीं खरीदने पर विद्यार्थी के अलावा पालक से राशि वसूली होगी। इसके साथ पुलिस थाने में एफआइआर तक दर्ज की जा सकती है। - एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा।
नए निर्देशों के अनुसार योजना के तहत खरीदा गया वाहन विद्यार्थी तीन साल तक न तो बेच सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर सकेगा। इसके लिए वाहन के पंजीयन के समय तीन साल की हाइपोथिकेशन दर्ज की जाएगी।
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इस साल इस योजना से लाभान्वित होने वालों की संख्या 7500 से अधिक है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 19 सितंबर को राजधानी के सुभाष उत्कृष्ट उमावि परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में यह रकम ऑनलाइन हस्तांरित करेंगे।