विदिशा: सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर, तीन छात्राएं घायल; पहली की मासूम लाभांशी की हालत गंभीर
सिरोंज के गोपालनगर शासकीय विद्यालय में कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से तीन छात्राएं घायल, एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 03:42:26 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 03:42:26 PM (IST)
गोपालनगर शासकीय विद्यालय में प्लास्टर गिरने के बाद कक्षा का क्षतिग्रस्त हिस्सा। नईदुनिया।HighLights
- सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से तीन छात्राएं घायल, एक की हालत गंभीर
- सिरोंज के गोपालनगर शासकीय विद्यालय की घटना, ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश, जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया
नईदुनिया प्रतिनिधि,विदिशा/ सिरोंज। सिरोंज विकासखंड के ग्राम गोपालनगर स्थित शासकीय विद्यालय में बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पढ़ाई के दौरान अचानक कक्षा की जर्जर छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा, जिससे तीन छात्राएं घायल हो गईं।
हादसे में कक्षा पहली की छात्रा लाभांशी के सिर में गंभीर चोट आई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल विदिशा रेफर किया गया। कक्षा पांच की छात्रा रिया सहित एक अन्य छात्रा को भी चोटें आई हैं।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से घायल छात्राओं को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
समय रहते राहत मिलने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने शासकीय विद्यालयों की जर्जर इमारतों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिम्मेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने जताई खतरे की आशंका
उन्होंने कहा कि यदि कक्षा की छत पहले से क्षतिग्रस्त थी तो वहां विद्यार्थियों को क्यों बैठाया गया, इसकी जवाबदेही तय की जाएगी। गंभीर रूप से घायल छात्रा को अभिभावकों और बीआरसी प्रतिनिधि के साथ विदिशा भेजा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई शासकीय विद्यालय वर्षों से जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। मरम्मत और रखरखाव के अभाव में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते भवनों की मरम्मत और सुरक्षा का स्थायी इंतजाम नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।