
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के इतिहास में 1 नवंबर की तारीख का अपना अलग ही महत्व है। यह दिन देश के 8 प्रमुख राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जश्न का दिन होता है। इस दिन भाषाई और प्रशासनिक आधार पर कई राज्यों का गठन और पुनर्गठन हुआ था। गठन का वर्ष अलग-अलग होने के बाद भी 1 नवंबर की तारीख सबके लिए ऐतिहासिक बन गई है।
1 नवंबर को स्थापित होने वाले 8 राज्य हैं आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब और मद्रास जो अब तमिलनाडु है। इसके अलावा 5 केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी भी इसी दिन अपना स्थापना दिवस मनाते हैं।

मध्य प्रदेश का पुनर्गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। हर साल इस दिन को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है और पूरे प्रदेश में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य था। यह 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया था। हर साल इस दिन राज्य अपना स्थापना दिवस मनाता है।
हरियाणा का गठन भाषा के आधार पर पंजाब से अलग करके 1 नवंबर 1966 को किया गया था। इस दिन राज्य सरकार की तरफ से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
पंजाब का पुनर्गठन भी 1966 में इसी दिन हुआ था। पंजाबी भाषी लोगों के लिए अलग राज्य बनाने के उद्देश्य से पंजाब को नया रूप दिया गया था। यह दिन पंजाब अपनी विरासत और उपलब्धियों के उत्सव के रूप में मनाता है।
आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था। यह 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत हैदराबाद राज्य को विभाजित किया गया था।
कर्नाटक राज्य 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर पुनर्गठित किया गया था।
केरल का गठन भी 1 नवंबर 1956 को मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था।
तमिलनाडु की बात करें तो 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी का भाषाई आधार पर विभाजन किया गया था। 1969 में मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु रखा गया।
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दिल्ली को 1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के तहत पार्ट-सी राज्य से बदलकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
चंडीगढ़ की आधारशिला 1952 में रखी गई थी लेकिन 1 नवंबर 1966 को राज्य के पुनर्गठन के समय जब पंजाब और हरियाणा राज्य बने तो इस शहर को पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी बनाया गया।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भी राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत इसी दिन पार्ट-सी राज्य से बदलकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
लक्षद्वीप को 1 नवंबर 1956 को भारत के एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठित किया गया था और 1 नवंबर 1973 को इस द्वीप समूह को आधिकारिक तौर पर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
पुडुचेरी में 1947 में अंग्रेजों के जाने के बाद भी फ्रांसीसियों का शासन 1954 तक बना रहा। 1 नवंबर 1954 को भारत में फ्रांसीसी कब्जे वाले क्षेत्रों को भारतीय संघ को सौंप दिया गया था जिसके बाद यह एक केंद्र शासित प्रदेश बना।
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