
डिजिटल डेस्क। भारतीय रेलवे ने हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। रेलवे के अनुसार, इन हादसों के पीछे सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों की संदिग्ध और साजिशपूर्ण गतिविधियां शामिल थीं। हाल ही में राजस्थान के अमरपुरा व कोटा, बिहार के सासाराम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं।
रेलवे द्वारा की गई शुरुआती जांच में बेहद संदेहास्पद बातें सामने आई हैं। अमरपुरा में ट्रेन की चादरों (बेडरोल) में आग लगाने की कोशिश की गई थी, जबकि हावड़ा में एक कोच के शौचालय से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद हुआ।
इसी तरह कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से अचानक लपटें निकलती देखी गईं और सासाराम में एक अज्ञात व्यक्ति को खाली कोच के भीतर कोई जलती हुई वस्तु फेंकते हुए पाया गया। हालांकि, सासाराम-पटना पैसेंजर में लगी आग के पीछे पहले शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा था, लेकिन अब अन्य एंगल से भी जांच की जा रही है।
रेलवे का यह बयान मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी (AC) कोच में लगी भीषण आग के कुछ दिनों बाद आया है। विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशनों के बीच सुबह करीब 5:15 बजे बी-1 (B-1) कोच में अचानक आग भड़क गई थी, जिसमें 68 यात्री सवार थे।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। आग इतनी भयानक थी कि लपटें रेलवे ट्रैक के पास के पेड़ों तक फैल गईं और धुएं का गुबार आसमान में छा गया। इस घटना के कारण इस रूट पर रेल यातायात बुरी तरह बाधित हुआ और करीब 18 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
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इन गंभीर मामलों को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने अनुरोध किया है कि यदि चलती ट्रेन या स्टेशन पर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।