बिहार में पहली बार बनी BJP सरकार, सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ; जदयू कोटे से 2 डिप्टी सीएम बने
सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा का पहला मुख्यमंत्री बनने के साथ जदयू के दो डिप्टी सीएम ने भी पद संभाला, संतुलन बना ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 11:41:51 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 12:36:13 PM (IST)
सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (फोटो- एजेंसी)HighLights
- सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ
- पहली बार भाजपा का नेता बना बिहार का मुख्यमंत्री
- जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम ने भी शपथ ली
एजेंसी, पटना। बिहार की राजनीति में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इतिहास रचते हुए पहली बार अपने नेता को बिहार के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा दिया। लंबे समय से एनडीए गठबंधन में सहयोगी भूमिका निभाने वाली भाजपा ने अब सीधे सत्ता की कमान संभाल ली है। पटना स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही।
दो डिप्टी सीएम के साथ संतुलन का फार्मूला
नई सरकार में सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के कोटे से विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह फार्मूला भाजपा और जदयू के बीच राजनीतिक संतुलन को साधने के उद्देश्य से तैयार किया है।
विधायक दल की बैठक के बाद हुआ फैसला
सम्राट चौधरी को मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। उसके बाद अगले ही दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पार्टी नेतृत्व ने इस फैसले को राज्य में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के रूप में देखा है।
शपथ ग्रहण में जुटे कई बड़े नेता
शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, राजीव रंजन सिंह, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा सहित कई नेता शामिल रहे। इस आयोजन ने राज्य की सियासत में व्यापक संदेश देने का काम किया।
नीतीश मॉडल पर आगे बढ़ने का भरोसा
- उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शपथ के बाद कहा कि वे नीतीश कुमार के विकास मॉडल और नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में भाजपा और जदयू दोनों की भूमिका अहम रहेगी और मिलकर राज्य के विकास के लिए काम किया जाएगा।
- नई सरकार के गठन के साथ अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह नेतृत्व बिहार के विकास और राजनीतिक स्थिरता को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।