
डिजिटल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ईंधन संकट का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने लगातार पांचवें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही सीएनजी के दामों में भी उछाल आया है, जिससे आम जनता और वाहन चालकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
ताजा आदेश के मुताबिक, सोमवार देर रात के बाद पेट्रोल के दाम 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। नई दरें मंगलवार सुबह छह बजे से लागू कर दी गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद अब ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल की कीमत 98.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.93 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
गौरतलब है कि इससे चार दिन पहले शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई थी। पांच दिन के भीतर दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से वाहन चालकों में गहरा रोष है।
ईंधन के इस झटके से सीएनजी भी अछूती नहीं रही। शुक्रवार को सीएनजी के दाम 3 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे, जिसके ठीक बाद सोमवार को भी इसमें 1 रुपये प्रति किलो की और बढ़ोतरी कर दी गई। इस डबल बढ़ोतरी के बाद ग्रेटर नोएडा में सीएनजी की कीमत अब 89.70 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
इस मूल्य वृद्धि का सीधा और सबसे बड़ा असर दैनिक कामकाजी लोगों, ट्रांसपोर्टर्स, और ग्रेटर नोएडा में चलने वाले करीब दो हजार से अधिक ऑटो व कैब चालकों पर पड़ेगा। सीएनजी और डीजल महंगा होने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
स्थानीय ऑटो चालक अजय कुमार और राम प्रसाद ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि शुक्रवार और अब मंगलवार की बढ़ोतरी के बाद उनका महीने का खर्च 4 से 5 हजार रुपये तक बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि ईंधन महंगा होने के बाद अगर वे किराया बढ़ाते हैं, तो सवारियां कम हो जाती हैं, जिससे गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
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