उज्जैन जमीन घोटाले को लेकर भाजपा के विरुद्ध बड़ा अभियान शुरू करेगी कांग्रेस, 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव
कांग्रेस ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थली उज्जैन में हुए कथित जमीन घोटाले को लेकर भाजपा और मध्य प्रदेश सरकार के विरुद्ध बड़ा अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 09:26:48 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 09:30:15 PM (IST)
कांग्रेस कार्यालय में एआईसीसी की ओर से प्रेसवार्ता में बोलते मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक प्रवीण पाठक।HighLights
- ऑनलाइन पोर्टल भी कांग्रेस की ओर से लांच किया जाएगा
- पूर्व विधायक प्रवीण पाठक बोले- उज्जैन में ऐतिहासिक आंदोलन होगा
- प्रदेश सरकार से कथित जमीन घोटाले पर श्वेत-पत्र जारी करने के लिए कहा
डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थली उज्जैन में हुए कथित जमीन घोटाले को लेकर भाजपा और मध्य प्रदेश सरकार के विरुद्ध बड़ा अभियान शुरू करने की घोषणा की है और इसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग दोहरायी।
पार्टी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदेश सरकार से उज्जैन जमीन घोटाले पर श्वेत-पत्र जारी करने के लिए भी कहा।
ऑनलाइन पोर्टल भी कांग्रेस की ओर से लांच किया जाएगा
कांग्रेस कार्यालय में एआईसीसी की ओर से प्रेसवार्ता में मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक प्रवीण पाठक ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता पूरे प्रदेश में उज्जैन जमीन घोटाले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। मध्य प्रदेश में एक ऑनलाइन पोर्टल भी कांग्रेस की ओर से लांच किया जाएगा, जिस पर आम जनता विभिन्न विभागों और अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेगी।
कार्यकर्ता भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे
15 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ता भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। जबकि 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सरकार और मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर सीधे जवाब मांगा जाएगा।
उज्जैन में ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा
पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जब भी किसी जिले के दौरे पर जाएंगे, वहां जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उनसे उज्जैन भूमि खरीद घोटाले पर सीधे और स्पष्ट प्रश्न पूछेंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं जागेगी, तो उज्जैन में ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा- कहावत है कि नेता को जमीन से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जमीन से तो नहीं जुड़े, बल्कि जमीनों से जुड़ गए हैं और उन पर कई एकड़ संपत्ति बढ़ाने, ट्रस्ट को जमीनें देने और विभिन्न कंपनियों में शेयर होल्डिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं।
मुख्यमंत्री एवं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह मौन
उनके मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं उमंग सिंघार द्वारा कई बार सुबूत पेश किए जाने के बाद भी मुख्यमंत्री एवं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह मौन है। मध्य प्रदेश सिर्फ आरएसएस की कार्यशाला नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की भी कार्यशाला बन गया है।