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Election 2027: पांच राज्यों में फरवरी-मार्च 2027 में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव, जनगणना की तारीखों में बदलाव से मिला संकेत

Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने के संकेत मिले हैं।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 11:41:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 11:48:57 AM (IST)
Election 2027: पांच राज्यों में फरवरी-मार्च 2027 में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव, जनगणना की तारीखों में बदलाव से मिला संकेत
Elections 2027: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का अगला दौर अगले साल होगा (फोटो क्रेडिट- पीटीआई)

HighLights

  1. गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में मार्च में कार्यकाल समाप्त होगा
  2. उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई को खत्म होगा
  3. चार राज्यों में जनगणना का जनसंख्या गणना चरण आगे बढ़ा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में जनगणना 2027 के काम को आगे बढ़ाने और मणिपुर में जनगणना का पहला चरण टालने के फैसले से पांच राज्यों में अगले विधानसभा चुनावों की समय-सीमा को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। इन राज्यों में चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की संभावना है।

मार्च में खत्म होगा चार राज्यों का कार्यकाल

पांच राज्यों में सबसे पहले मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त होगा। इसके अगले दिन 14 मार्च को गोवा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होगा। पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च, जबकि उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च को समाप्त होगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई को पूरा होगा।


2022 में इन पांचों राज्यों में एक साथ विधानसभा चुनाव हुए थे। हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा की पहली बैठक 22 मई 2022 को हुई थी। यदि 2027 में भी पांचों राज्यों में चुनाव एक साथ कराए जाते हैं, तो चुनाव आयोग की परंपरागत प्रक्रिया के अनुसार सबसे पहले समाप्त होने वाली विधानसभा के कार्यकाल से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं।

यूपी में फरवरी या मार्च में मतदान संभव

इस स्थिति में उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से करीब दो महीने पहले मतदान कराया जा सकता है। पिछले तीन चुनावों का पैटर्न भी इसी ओर संकेत करता है। संवैधानिक अधिकार के तहत चुनाव आयोग किसी विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले चुनाव करा सकता है।

उत्तर प्रदेश के बड़े आकार और आबादी को देखते हुए कई चरणों में मतदान की संभावना है। हालांकि बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के पिछले उदाहरणों को देखते हुए चरणों की संख्या कम भी हो सकती है। यदि बिहार की तरह चुनाव दो चरणों में कराया गया, तो मतदान फरवरी या मार्च की शुरुआत में शुरू हो सकता है।

जनवरी 2027 में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के संकेत

तीन चुनावी राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी दो राज्यों में यह जारी है। इसलिए चुनाव घोषणा से पहले चुनाव आयोग द्वारा वहां SIR कराने की संभावना कम मानी जा रही है। SIR के अंत में उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 13.4 करोड़, गोवा में 10.6 लाख और मणिपुर में 19.3 लाख रही। इन राज्यों में क्रमशः 13.2 प्रतिशत, 10.2 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। पंजाब और उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची अगले कुछ महीनों में जारी की जाएगी।

जनगणना और चुनाव के टकराव से बचने की कोशिश

केंद्र ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड के बर्फ से न घिरे इलाकों और गोवा में जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण को 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच कराने की जानकारी दी है। इसके लिए 5 जनवरी को रेफरेंस तारीख माना गया है। वहीं, मणिपुर में जनगणना के हाउस-लिस्टिंग चरण को टाल दिया गया है।

चार राज्यों में जनसंख्या गणना चरण पहले कराने से जनगणना और विधानसभा चुनाव के एक साथ पड़ने वाली प्रशासनिक चुनौतियों से बचा जा सकेगा। दोनों प्रक्रियाओं के लिए मुख्य रूप से शिक्षकों समेत सरकारी कर्मचारियों की जरूरत होती है। आमतौर पर जनगणना का दूसरा चरण पूरे देश में फरवरी में होता है और इसमें 1 मार्च को रेफरेंस तारीख माना जाता है।