
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में गुरुओं को ईश्वर से भी उच्च स्थान दिया जाता है। शिक्षकों के इसी अभूतपूर्व योगदान और उनके प्रति सम्मान को प्रकट करने के लिए शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर कर्नाटक सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, अब कर्नाटक के शिक्षक अपने नाम के आगे आधिकारिक तौर पर 'Tr.' (टीचर) उपसर्ग/उपाधि का प्रयोग कर सकेंगे। जिस प्रकार चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवर अपने नाम के आगे 'Dr' और प्राध्यापक 'Prof' का उपयोग करते हैं, ठीक उसी तर्ज पर अब स्कूली और कॉलेज शिक्षक भी अपने नाम के आगे 'Tr.' लगा सकेंगे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षकों की निस्वार्थ सेवा और समाज निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए यह पहल की है। उन्होंने कहा कि यह उपाधि केवल एक शब्द नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति पूरे समाज के आभार का प्रतीक है जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जो समाज अपने गुरुओं का सम्मान करता है, वह स्वयं के लिए एक समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। राज्य सरकार ने राज्य के सभी शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।
इस नए आदेश के लागू होने के बाद अब शिक्षकों को समाज में एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी। डॉक्टर और प्रोफेसर जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों की भांति नाम के आगे 'Tr.' लगने से शिक्षक वर्ग के प्रति सामाजिक सम्मान और अधिक प्रगाढ़ होगा।
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