
डिजिटल डेस्क। देश के लाखों सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। वर्षों तक भारतीय रेलवे में अपनी सेवाएं देने के बाद 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारियों को अब उनके सेवानिवृत्ति और पेंशन लाभों में एक अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि (सालाना इंक्रीमेंट) का फायदा दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस बड़े फैसले के बाद अब पेंशनभोगियों की हर महीने मिलने वाली पेंशन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होना तय है।
इस व्यवस्था को समय पर पूरा करने के लिए रेलवे बोर्ड लगातार कड़े कदम उठा रहा है। पूर्व में 20 फरवरी 2026 को इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया था। अब इसी कड़ी में रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (वेतन आयोग और एचआरएमएस) जया कुमार जी द्वारा 16 जुलाई 2026 को एक और नया व बेहद सख्त आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के जरिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) सहित देश के सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (कार्मिक) और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाला सालाना इंक्रीमेंट हर साल एक जुलाई को लागू होता है। ऐसी स्थिति में जो कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि समाप्त कर ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून को सेवानिवृत्त हो जाते थे, वे तकनीकी तौर पर एक जुलाई को नौकरी में न होने के कारण इस इंक्रीमेंट से वंचित रह जाते थे। पूरे साल मुस्तैदी से काम करने के बावजूद सिर्फ एक दिन के फेर से कर्मचारियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता था, क्योंकि इसी अंतिम इंक्रीमेंट के आधार पर उनकी पेंशन और अन्य फंड की राशि तय की जाती है।
इस नियम के खिलाफ कर्मचारियों ने एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाया। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और डीओपीटी (DOPT) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रेलवे बोर्ड ने इसे 'नोशनल इंक्रीमेंट' (काल्पनिक वेतन वृद्धि) के रूप में देने का निर्णय लिया है। इसका मतलब यह है कि भले ही कर्मचारी 30 जून को रिटायर हो चुका हो, लेकिन पेंशन की गणना करते समय उसे एक जुलाई को मिलने वाला इंक्रीमेंट जोड़कर ही लाभ दिया जाएगा।
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने 20 फरवरी 2026 को कार्यकारी निदेशक (वेतन आयोग) संदीप पाल के माध्यम से एक आदेश जारी कर सभी जोनों को पात्र पेंशनभोगियों की एक समेकित (कंसोलिडेटेड) लिस्ट तैयार करने को कहा था। इसके बावजूद कई मंडलों और जोनों में इस काम की गति काफी धीमी रही, जिसकी वजह से रेलवे बोर्ड के पास लगातार शिकायतें और आवेदन पहुंच रहे थे।
इसी सुस्ती को देखते हुए संयुक्त निदेशक जया कुमार ने 16 जुलाई 2026 को यह नया पत्र जारी किया। इस नए आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स बिना किसी देरी के उन सभी लंबित मामलों की तुरंत जांच करें और उन्हें अंतिम रूप दें जहां 'नोशनल इंक्रीमेंट' का लाभ दिया जाना बाकी है।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारियों की सूची फाइनल होने के बाद उनके पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) में संशोधन किया जाएगा। पीपीओ में सुधार होते ही कर्मचारियों की मासिक पेंशन तो बढ़ेगी ही, साथ ही उनका जो भी एरियर (बकाया वित्तीय भुगतान) बनता है, वह भी चरणबद्ध तरीके से उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड से मिले निर्देशों के बाद इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने का काम तेजी से किया जा रहा है। बोर्ड के इस कड़े रुख के बाद अब यह उम्मीद है कि अगले कुछ ही हफ्तों में सभी पात्र पेंशनभोगियों के खातों में बढ़ा हुआ पैसा और एरियर आना शुरू हो जाएगा।