पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम बरी, अन्य तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
बहुचर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 07 Mar 2026 12:27:51 PM (IST)Updated Date: Sat, 07 Mar 2026 12:29:28 PM (IST)
HighLights
- पर्याप्त और ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके
- पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इम मामले किया बरी
- हाई कोर्ट ने तीन आरोपियों की सजा रखी बरकरार
डिजिटल डेस्क। बहुचर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया।
हालांकि अदालत ने अन्य तीन दोषियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने यह फैसला सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई के बाद सुनाया।
पर्याप्त और ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके
अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों की विस्तृत समीक्षा के बाद पाया कि राम रहीम के खिलाफ आपराधिक साजिश में शामिल होने के पर्याप्त और ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसी आधार पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया गया।
सीबीआई कर रही थी मामले की जांच
यह मामला वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा है। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कुछ गंभीर आरोप प्रकाशित किए थे। इसके कुछ समय बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक आक्रोश और चर्चा का माहौल बन गया था।
बाद में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद गुरमीत राम रहीम सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले को सभी दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
तीन आरोपियों की सजा बरकरार
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीबीआई की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गईं। अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने कहा कि कुलदीप, निर्मल और किशन लाल के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य उनकी भूमिका को स्पष्ट रूप से स्थापित करते हैं। इसलिए उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा जाता है।
फिलहाल जेल में ही रहेगा राम रहीम
हालांकि इस मामले में बरी होने के बावजूद गुरमीत राम रहीम फिलहाल जेल में ही रहेगा। वह दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है और वर्तमान में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है।