

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद उत्साह, गर्व और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। मुख्य समारोह की कमान संभालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरे प्रांगण में 'वंदे मातरम' का गुंजन हुआ, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित किया।
लाल किले से अपने संबोधन के दौरान देश को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा राष्ट्र तिरंगे के रंग में रचा-बसा नजर आ रहा है। आज हर दिल 'वंदे मातरम्' की धुन पर धड़क रहा है। आज देश के हर घर और हर मन में तिरंगा लहरा रहा है।"
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, 'आज देश को कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, ये हमारी गलत सोच के कारण है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमने अपने समुद्र तट के 99% हिस्से को 'नो-गो एरिया' घोषित कर दिया था। हमने खुद ही तय किया था कि हम खोज के लिए समुद्र में नहीं जाएंगे। यह सोच की कमी थी। जो इलाके कभी 'नो-गो एरिया' माने जाते थे, वे अब 'गो-अहेड एरिया' बन गए हैं।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं, समाज को अलग रास्ते पर ले जा रहे हैं, इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। देश को विकसित बनाने के लिए युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा। समाज को गलत राह पर धकेलने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा।'
प्रधानमंत्री ने लाल किले से जोर देकर कहा कि भारत अब तीव्र विकास के मार्ग पर अग्रसर है और संपूर्ण विश्व देश के बढ़ते इनोवेशन और सामर्थ्य को देख रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी देश तभी महानता के शिखर पर पहुंचता है जब वह अपनी सिद्धियों को हासिल करता है। राष्ट्र अपने सपनों, मजबूत संकल्पों और अपनी क्षमता के बल पर ही आगे बढ़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि बड़े सपने देखना बेहद जरूरी है क्योंकि ये हमारी सोच को नया विस्तार देते हैं और हमारे दृष्टिकोण की क्षितिज को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं, देश में हमें कम्प्लीट मैन्युफैक्चरिंग चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस के भव्य और संवेदनशील आयोजन को देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली को हाई-सुरक्षा जोन में बदल दिया गया। लाल किला परिसर और आसपास के क्षेत्रों को बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा घेरे में रखा गया।
किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए 25,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। 1,000 से भी ज्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Anti-Terror Response Mechanism) को हाई अलर्ट पर रखा गया।