
डिजिटल डेस्क। ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया क्षेत्र में पैदा हुए संकट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘मिशन स्वदेश’ अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद अब तक 52 हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने शनिवार रात जारी बयान में बताया कि वह स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और वहां फंसे भारतीयों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में स्थित भारतीय मिशन वहां रह रहे नागरिकों को समय-समय पर विस्तृत सलाह जारी कर रहे हैं। जरूरतमंद भारतीयों की मदद के लिए कुल 2437 हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसके लिए संबंधित देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है।
हवाई सेवाएं आंशिक रूप से बहाल होने के बाद भारतीय और विदेशी एयरलाइंस द्वारा वाणिज्यिक उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इन उड़ानों के माध्यम से अब तक 52 हजार से अधिक भारतीयों ने स्वदेश वापसी की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 1 मार्च से 7 मार्च के बीच 32,107 लोगों ने भारतीय एयरलाइंस के जरिए यात्रा की है। आने वाले दिनों में और उड़ानों की योजना बनाई जा रही है ताकि बाकी नागरिक भी सुरक्षित लौट सकें।
#WATCH | Karnataka: A passenger who arrived at Bengaluru airport from Dubai says, "I had booked a flight for March 2, but it got cancelled due to this situation. But later we got seats on Emirates. The situation is quite normal...everyone is fine, and all the tourists are happily… pic.twitter.com/C3JoHndrXF
— ANI (@ANI) March 8, 2026
पिछले एक सप्ताह में औसतन सात हजार से अधिक भारतीय प्रतिदिन देश लौटे हैं। संकटग्रस्त देशों में भारतीय दूतावासों ने 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जहां से नागरिकों को लगातार जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
#WATCH | Karnataka: A passenger who arrived at Bengaluru airport from Dubai says, "...Dubai is really safe, and the government is taking care of everybody, there's nothing to worry about..." pic.twitter.com/JkBzqb0dua
— ANI (@ANI) March 8, 2026
सरकार ने भारतीय नागरिकों को ईरान और प्रभावित क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव तथा खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र के प्रभावित होने के कारण हवाई किरायों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है। हालांकि सरकार एयरलाइंस के संपर्क में है ताकि स्वदेश लौटने के इच्छुक नागरिकों को किफायती और सुविधाजनक विकल्प मिल सकें।
विदेश मंत्री ने हाल ही में कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संकट की स्थिति में हर भारतीय तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।