भारत अब 10 नहीं 15 देशों से करेगा LPG आयात, संकट में भी नहीं थमेगी सप्लाई
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष और तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इसके तहत भारत अ ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 03:09:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 03:09:46 PM (IST)
भारत अब 10 नहीं 15 देशों से करेगा LPG आयात (पीटीआई)HighLights
- LPG की स्पॉट खरीद कर रहा भारत
- अमेरिका के साथ भी करार
- भारत 15 देशों से करेगा LPG आयात
डिजिटल डेस्क। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष और तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं के बावजूद, भारत ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू और कमर्शियल कुकिंग गैस (LPG) की मांग पर कोई आंच न आए।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत पहले अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत हिस्सा केवल खाड़ी देशों (यूएई, कतर, सऊदी अरब आदि) से आयात करता था। अब इस निर्भरता को कम करते हुए भारत ने अपने आयात स्रोतों का विस्तार 10 से बढ़ाकर 15 देशों तक कर दिया है।
अब अमेरिका, रूस, कनाडा, नॉर्वे और अल्जीरिया जैसे देशों से बड़े पैमाने पर एलपीजी कार्गो खरीदे जा रहे हैं। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने सप्लाई की कमी को पाटने के लिए अमेरिका के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों के अलावा 'स्पॉट खरीद' का भी सहारा लिया है, जिसकी खेप जून और जुलाई तक भारत पहुंचेगी।
घरेलू उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
देश की दैनिक एलपीजी आवश्यकता लगभग 80,000 टन है। सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए घरेलू उत्पादन में 20 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि की है, जिससे उत्पादन अब 46,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
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संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घरेलू आपूर्ति को निरंतर बनाए रखना है। आयात स्रोतों का विविधीकरण और घरेलू स्तर पर बढ़ती आत्मनिर्भरता ने भारत को पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे संकटों के प्रति अधिक लचीला और सुरक्षित बना दिया है। अब भारत ऊर्जा के लिए केवल एक क्षेत्र विशेष पर निर्भर नहीं है।