
डिजिटल डेस्क। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए विरोधाभासी चेतावनी जारी की है। एक ओर जहां मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में पारा तेजी से उछाल मारने को तैयार है, वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी बारिश और बिजली गिरने का संकट मंडरा रहा है। अगले 4–5 दिनों में देश के कई राज्यों में अधिकतम तापमान में 3 से 6°C तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
मध्य प्रदेश और मध्य भारत के अन्य हिस्सों के लिए मौसम विभाग ने चिंताजनक पूर्वानुमान जताया है। 16 अप्रैल से इन क्षेत्रों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल अप्रैल में ही पारा 45°C को पार कर पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
आज यानी 13 अप्रैल को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। हालांकि, दिन का तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने से चिलचिलाती धूप का अहसास होगा।
| क्षेत्र/राज्य | तापमान में वृद्धि | समय सीमा | मुख्य स्थिति |
| उत्तर-पश्चिम भारत | $4-6$°C | 18 अप्रैल तक | चिलचिलाती धूप |
| मध्य प्रदेश/विदर्भ | $3-5$°C | 15 अप्रैल तक | हीटवेव (16 से) |
| पूर्वी भारत/ओडिशा | $3-5$°C | 16 अप्रैल तक | उमस और लू |
| गुजरात/महाराष्ट्र | $2-3$°C | 15 अप्रैल तक | उमस भरा मौसम |
एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा झुलस रहा है, वहीं सिक्किम में आज बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश की संभावना है।
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों में अगले 7 दिनों तक उमस (Humidity) का अत्यधिक प्रभाव रहेगा। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय (12 से 4 बजे) बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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इस साल पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने से गर्मी समय से पहले अपने चरम पर पहुंच रही है। नागरिक दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतें।