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हिमाचल में मानसून का कहर: 259 सड़कें बंद, 255 ट्रांसफॉर्मर ठप, अब तक 155 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और अन्य जरूरी से...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 01:22:57 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 01:23:25 PM (IST)
हिमाचल में मानसून का कहर: 259 सड़कें बंद, 255 ट्रांसफॉर्मर ठप, अब तक 155 लोगों की मौत
हिमाचल में मानसून का कहर।

HighLights

  1. मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
  2. 213 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त
  3. सड़क हादसों में चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित

डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 259 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जबकि 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTRs) के खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक सड़कें बंद होने से मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 88 सड़कें आवाजाही के लिए बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कें बंद हैं।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बहाली का काम लगातार चलाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी के साथ मौके पर जुटी हैं।

मानसून में अब तक 155 मौतें

मानसून से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में अब तक कुल 155 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें 68 मौतें सीधे आपदा संबंधी घटनाओं में हुईं, जबकि 87 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई।

आपदा से संबंधित मौतों के मामले में मंडी सबसे आगे है, जहां 14 लोगों की जान गई। कांगड़ा में 11, जबकि चंबा और शिमला में नौ-नौ लोगों की मौत हुई है। कुल्लू में आठ लोगों की जान गई।

रिपोर्ट के मुताबिक 68 मौतों के पीछे भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने, डूबने, अचानक आई बाढ़ और आग जैसी घटनाएं प्रमुख कारण रहीं।

सड़क हादसों में चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित

मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। चंबा में सड़क हादसों में सबसे अधिक 15 मौतें दर्ज की गईं। कुल्लू और शिमला में 12-12, जबकि कांगड़ा में 10 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई।


8,352 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

मानसून से सरकारी विभागों, कृषि क्षेत्र और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान का अनुमान 83,526.19 लाख रुपये, यानी करीब 8,352.62 करोड़ रुपये लगाया गया है।

नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग को हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) को करीब 61,585.43 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। वहीं, जल शक्ति विभाग को 19,986.05 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है।

213 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त

बारिश और आपदा की घटनाओं ने रिहायशी तथा व्यावसायिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है। राज्य में 213 मकान पूरी तरह तबाह हुए हैं, जबकि 620 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा 256 कच्ची-पक्की झोपड़ियां और 22 दुकानें भी प्रभावित हुई हैं। आपदा की घटनाओं में प्रदेशभर में 200 पशुओं की मौत हुई है, जबकि 160 पशु-बाड़ों को नुकसान पहुंचा है।

बहाली कार्य में जुटी प्रशासनिक टीमें

प्रभावित इलाकों में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें लगातार राहत एवं बहाली के काम में जुटी हैं। बंद सड़कों को खोलने के साथ बिजली आपूर्ति बहाल करने और पेयजल व्यवस्था से जुड़े ढांचे की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित उपमंडलों में मुख्य मार्गों और जरूरी जनसुविधाओं को जल्द बहाल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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