• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • रक्षाबंधन
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

नेपाल बाढ़ का कहर... 288 भारतीय लापता, तिब्बत सीमा पर फंसे 200 नागरिक, विदेश मंत्रालय ने जारी किया अपडेट

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि इस आपदा के बाद नेपाल में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क टूट गया है, जबकि चीन (तिब्बत) स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 27 Aug 2026 04:28:43 PM (IST)Updated Date: Thu, 27 Aug 2026 04:28:43 PM (IST)
नेपाल बाढ़ का कहर... 288 भारतीय लापता, तिब्बत सीमा पर फंसे 200 नागरिक, विदेश मंत्रालय ने जारी किया अपडेट
नेपाल बाढ़ का कहर... 288 भारतीय लापता

HighLights

  1. नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 288 भारतीय नागरिक लापता
  2. तिब्बत सीमा पर फंसे 200 भारतीय, MEA रख रहा नजर
  3. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 लोग बचाए गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल और उससे सटे हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी प्राकृतिक आपदा और विनाशकारी बाढ़ के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि इस आपदा के बाद नेपाल में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क टूट गया है, जबकि चीन (तिब्बत) सीमा के पास लगभग 200 अन्य भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, संपर्क से बाहर हुए लोगों में नेपाल घूमने गए भारतीय पर्यटकों के अलावा वहां विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत मजदूर और कर्मचारी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी विस्तृत जानकारी

मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फंसे हुए भारतीय नागरिकों के मुख्य समूहों का विवरण साझा करते हुए बताया कि प्रभावित लोगों में...

  • 'त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' में कार्यरत 73 कर्मचारियों का पहला दल।
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के यात्रियों के दो समूह (क्रमशः 37 और 49 नागरिक)।
  • रसुवा जिले के तिमुरे क्षेत्र में मौजूद पश्चिम बंगाल के 32 नागरिकों का जत्था।
  • विभिन्न राज्यों से आए 61 भारतीय पर्यटकों का एक अन्य समूह।
  • केरल राज्य के 33 नागरिकों का एक जत्था शामिल है।
  • प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इन 5 प्रमुख समूहों को मिलाकर कुल 288 भारतीय नागरिक ऐसे हैं, जिनसे फिलहाल संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

आपदा में भारी तबाही, सैकड़ों लोग लापता

भारतीयों के हताहत होने के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए मौतों के सटीक आंकड़ों की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती।

यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री के ‘युवा कनेक्ट’ संवाद के लाइव प्रसारण के लिए शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी का ‘ए’ कैटेगरी में चयन

वहीं नेपाली प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इस भयानक बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 289 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 826 लोग लापता हैं। दूसरी ओर, तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत और 558 लोगों के गायब होने की सूचना है। नेपाल में दर्जनों पुल ध्वस्त हो चुके हैं तथा लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।