
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2005 का चर्चित सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी एनकाउंटर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अब सोहराबुद्दीन के भाई नयाबुद्दीन शेख की ओर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, इस याचिका के दर्ज होने की आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सार्वजनिक रिकॉर्ड में सामने नहीं आई है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड़ की पीठ ने 7 मई 2026 को सोहराबुद्दीन के भाइयों (रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन) की याचिका को निरस्त कर दिया था। उन्होंने दिसंबर 2018 में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 21 पुलिसकर्मियों सहित 22 आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती दी थी।
याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष का पूरा केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका था और घटनाओं की कड़ी साबित नहीं हो सकी। ट्रायल के दौरान पेश 210 गवाहों में से 92 अपने बयानों से पलट गए थे।
बता दें कि 26 नवंबर 2005 को गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख की कथित मुठभेड़ में मौत हुई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी कौसर बी की भी हत्या का आरोप सामने आया था। इसके बाद 2006 में गवाह तुलसीराम प्रजापति की गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमा गुजरात से मुंबई ट्रांसफर किया गया था। यदि सुप्रीम कोर्ट नयाबुद्दीन की याचिका को स्वीकार कर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करता है, तो इस बहुचर्चित मामले में कानूनी कार्यवाही का एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।