पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, जांच में सहयोग और देश न छोड़ने की शर्त
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 01 May 2026 12:45:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 01 May 2026 12:47:48 PM (IST)
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।HighLights
- खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली
- बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ सकते
- गुवाहाटी हाई कोर्ट से मिली थी निराशा
डिजिटल डेस्क। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए जांच में सहयोग करने और बुलाए जाने पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि खेड़ा किसी भी तरह से सबूतों को प्रभावित या उनके साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों से जुड़ा है, जिसके चलते खेड़ा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
देश छोड़ने पर रोक
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पवन खेड़ा बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ सकते। साथ ही ट्रायल कोर्ट को आवश्यकता पड़ने पर जमानत की शर्तों में बदलाव या नई शर्तें जोड़ने की छूट भी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत सुनवाई के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों और तथ्यों को अंतिम सुनवाई में प्रभावित न माना जाए।
सुनवाई के दौरान तीखी बहस
इससे पहले गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे 'अभूतपूर्व मामला' बताया और दलील दी कि आरोप मुख्यतः मानहानि से जुड़े हैं, जिनमें गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
सिंघवी ने अदालत में यह भी कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की भाषा और आचरण पर सवाल उठते हैं, और उनके मुवक्किल को अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
सरकार की दलील
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में तर्क दिया कि मामले में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, ताकि उन दस्तावेजों और तस्वीरों के स्रोत का पता लगाया जा सके जिनका हवाला खेड़ा ने अपने बयानों के समर्थन में दिया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मामले में बाहरी हस्तक्षेप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट से मिली थी निराशा
इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने उन्हें ‘फ्लाइट रिस्क’ बताते हुए कहा था कि उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप हैं। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद पवन खेड़ा को फिलहाल गिरफ्तारी से सुरक्षा मिल गई है, हालांकि मामले की जांच जारी रहेगी।