
डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया कंपनी 'मेटा' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक पेज से हटाए गए एक वीडियो को बहाल कर दिया है। मेटा ने सोमवार (28 जुलाई) को इस घटना पर सफाई देते हुए इसे एक "तकनीकी त्रुटि" करार दिया और असुविधा के लिए खेद जताया। इससे पहले, 28 जुलाई की तड़के फेसबुक ने इस वीडियो की पहुंच (एक्सेस) को कुछ समय के लिए बाधित कर दिया था।
मेटा द्वारा प्रतिबंधित किया गया यह वीडियो 23 जुलाई को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में चल रहे 36 दिवसीय छात्र आंदोलन के बीच युवाओं (जेन ज़ी) को संबोधित किया था।
वीडियो में पीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि आगामी कैबिनेट बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। फेसबुक द्वारा रोक लगाए जाने से पहले ही इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके थे।
वीडियो बंद होने के दौरान फेसबुक पर एक नोटिस दिखाई दे रहा था, जिसमें लिखा था कि इस सामग्री को किसी "कानूनी अनुरोध" के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, कोई स्पष्ट कारण न दिए जाने पर भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
बाद में सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वीडियो पर किसी सरकारी या कानूनी संस्था के दबाव में कार्रवाई नहीं की गई थी, बल्कि यह प्लेटफॉर्म की एक अस्थायी तकनीकी चूक का परिणाम था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने मेटा के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को समन जारी कर जवाब-तलब किया है।