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NEET पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी बोले-10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, छात्रों पर लाठीचार्ज स्वीकार नहीं, रखी तीन मांगे

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बो...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Wed, 22 Jul 2026 05:31:19 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Jul 2026 05:32:55 PM (IST)
NEET पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी बोले-10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, छात्रों पर लाठीचार्ज स्वीकार नहीं, रखी तीन मांगे

HighLights

  1. आंदोलन राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग
  2. राहुल का केंद्र सरकार पर आरोप- सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं
  3. नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी का लगाया आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट परीक्षा, पेपर लीक और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सुरक्षाबलों ने कठोर कार्रवाई की, जबकि उनकी मांग केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की थी।

राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका असर करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ा है।

आंदोलन राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग

राहुल गांधी के मुताबिक, इन मामलों में अब तक किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली, जिससे युवाओं में व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर है। ऐसे में सरकार को दमनात्मक रवैया अपनाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।


राहुल का आरोप- सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा के मुद्दे पर गंभीर नहीं है और देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि छात्र नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया पर लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो शिक्षा क्षेत्र पर होने वाले सरकारी व्यय के बराबर है।

सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी का लगाया आरोप

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी है और भ्रष्टाचार के कारण योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि आज उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का खर्च इतना बढ़ गया है कि मध्यम वर्ग के लिए आगे बढ़ना कठिन होता जा रहा है, जबकि नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखींः

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
  • छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए

राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया से भरोसा उठता जा रहा है। सरकार को छात्रों की आवाज सुनते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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