वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना, भैरव मंदिर तक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा, 22 जुलाई तक बंद रहेगी रोपवे सेवा
अगर आप इन दिनों माता वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है।
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 02:53:51 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 02:56:13 PM (IST)
HighLights
- 13 जुलाई से 22 जुलाई तक बंद रहेगी रोपवे सेवा
- वार्षिक तकनीकी रखरखाव के लिए बंद रहेगी सेवा
- सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होती है
डिजिटल डेस्क, कटड़ा। अगर आप इन दिनों माता वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भवन से भैरव बाबा मंदिर तक संचालित होने वाली रोपवे सेवा को वार्षिक रखरखाव (मेंटेनेंस) के चलते अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यह सेवा 13 जुलाई से 22 जुलाई तक बंद रहेगी और 23 जुलाई से दोबारा शुरू की जाएगी।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, रोपवे का वार्षिक तकनीकी रखरखाव यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
भैरव बाबा मंदिर तक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा
ऐसे में इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को भवन से भैरव बाबा मंदिर तक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा। इससे पहले सोमवार को मौसम साफ होने के बाद कटड़ा से सांझीछत के बीच हेलीकॉप्टर सेवा दोबारा शुरू की गई थी। मौसम में सुधार का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कुछ ही मिनटों में भवन तक पहुंचकर दर्शन किए।
हालांकि, दोपहर बाद त्रिकूट पर्वत क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ गया और घने बादलों के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर सेवा को फिर से अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
क्या है रोपवे सेवा का समय?
सामान्य दिनों में भवन से भैरव बाबा मंदिर तक रोपवे सेवा सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होती है। इस दौरान श्रद्धालु कुछ ही मिनटों में यात्रा पूरी कर लेते हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा मिलती है।
कितना है रोपवे का किराया?
रोपवे का किराया प्रति व्यक्ति लगभग 100 रुपये है। तीन वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक यात्री के लिए टिकट लेना अनिवार्य है। टिकट श्रद्धालु श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन या संबंधित टिकट काउंटरों से ऑफलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले रोपवे और हेलीकॉप्टर सेवाओं की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।