स्पेस जंक बनेगा सिरदर्द... 2030 तक आसमान में हो सकता है 'चक्का जाम', फ्लाइट देरी की समस्या होगी विकराल
अब तक आपने खराब मौसम, तकनीकी खराबी या हड़ताल के कारण उड़ानों में देरी की खबरें सुनी होंगी, लेकिन भविष्य में 'अंतरिक्ष का कचरा' (Space Debris) हवाई सफर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Feb 2026 02:59:28 PM (IST)Updated Date: Thu, 12 Feb 2026 02:59:28 PM (IST)
स्पेस जंक बनेगा सिरदर्द... 2030 तक आसमान में हो सकता है 'चक्का जाम'HighLights
- 2030 तक अंतरिक्ष मलबे के कारण बढ़ेगा फ्लाइट डिले का संकट
- आसमान में 70 हजार उपग्रहों की मौजूदगी से हवाई रूट होंगे ब्लॉक
- मलबे के कारण एयरस्पेस बंद होने से यात्रियों को होगी भारी असुविधा
डिजिटल डेस्क। अब तक आपने खराब मौसम, तकनीकी खराबी या हड़ताल के कारण उड़ानों में देरी की खबरें सुनी होंगी, लेकिन भविष्य में 'अंतरिक्ष का कचरा' (Space Debris) हवाई सफर का गणित बिगाड़ सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक नए शोध ने चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष से गिरने वाला मलबा विमानों की आवाजाही के लिए एक बड़ा संकट बनने वाला है।
क्यों बढ़ रहा है फ्लाइट्स पर खतरा?
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शोधकर्ताओं के मुताबिक, खराब उपग्रहों और रॉकेट के हिस्सों का पृथ्वी के वायुमंडल में अनियंत्रित तरीके से प्रवेश (Re-entry) विमानों के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। डेटा के अनुसार, किसी अनियंत्रित रॉकेट के दोबारा प्रवेश की वार्षिक संभावना 26 प्रतिशत तक है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मलबा सीधे विमान से टकराएगा, बल्कि खतरा यह है कि जब रॉकेट के हिस्से उस हवाई क्षेत्र (Airspace) से गुजरते हैं जहां यात्री विमान उड़ रहे होते हैं, तो सुरक्षा कारणों से अधिकारियों को वह पूरा रूट बंद करना पड़ता है। इससे उड़ानों के मार्ग बदलने पड़ते हैं और लंबी देरी होती है।
2030 तक आसमान में होगी 'भीड़'
ग्लोबल कनेक्टिविटी की होड़ में उपग्रहों की संख्या तेजी से बढ़ रही है...
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- उपग्रहों का विस्फोट: अनुमान है कि 2030 तक 58,000 से 70,000 उपग्रह अंतरिक्ष में लॉन्च किए जा चुके होंगे।
- हवाई यातायात में वृद्धि: 2050 तक वैश्विक हवाई यातायात में सालाना औसतन 3.5% से 4.2% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
जैसे-जैसे उपग्रहों और कमर्शियल उड़ानों की संख्या बढ़ रही है, अंतरिक्ष मलबे के कारण हवाई मार्ग बंद होने की घटनाएं सामान्य होने लगेंगी।
क्या पहले भी मलबे ने पैदा की है रुकावट?
यह समस्या केवल कागजी नहीं है, बल्कि इसके उदाहरण दिखने लगे हैं...
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- जनवरी 2025: स्पेसएक्स रॉकेट के मलबे की चेतावनी के कारण क्वांटास एयरलाइंस की कई उड़ानें 6 घंटे तक लेट हुई थीं।
- दिसंबर 2025: चीन के 'झुके-3' रॉकेट का मलबा गिरने की आशंका के चलते ब्रिटेन में रेड अलर्ट जारी करना पड़ा था।
- साल 2022: स्पेन और फ्रांस ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था क्योंकि एक रॉकेट का मलबा वहां गिरने वाला था, जिससे सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुई थीं।
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