
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड की राजधानी रांची की सड़कें (Student Protest Ranchi) सोमवार, 10 अगस्त को युवाओं के विशाल हुजूम और जोरदार नारों से गूंज उठीं। सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रदर्शन का आज 17वां दिन था।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में एकत्र हुए अभ्यर्थियों ने झारखंड विधानसभा के घेराव का एलान करते हुए मार्च निकाला। हाथों में अपनी मांगों के पोस्टर और बैनर लहराते हुए छात्र पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को तोड़कर नई विधानसभा इमारत की ओर तेजी से आगे बढ़े।
आंदोलनकारी छात्रों का मुख्य ठिकाना रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रहा है, जहां से विधानसभा की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। सभी प्रदर्शनकारियों को एक जगह एकजुट करने के लिए जगन्नाथपुर थाना के पास स्थित मैदान को चुना गया, जहां से विधानसभा महज 2 किलोमीटर दूर है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Gaurav Goswami, SP Rural, Ranchi says, "Mild lathi charge was used when some of them attempted to reach the last barricading where Section 163 is already in effect. Minimum use of lathi was done. We are speaking with the students continuously. They are… https://t.co/awemX3KJ0n pic.twitter.com/TUjLEeH9c0
— ANI (@ANI) August 10, 2026
सुबह 11 बजे तक छात्र इस मैदान में एकत्र हुए और फिर एकजुट होकर विधानसभा की ओर बढ़ चले। रास्ते में प्रशासन द्वारा प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन छात्रों के हुजूम ने पहली सुरक्षा लाइन पार कर ली।

विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अनोखे अंदाज में सेलिब्रेट किया और सरकार पर चुटकी ली। छात्रों का कहना था कि वाटर कैनन से पानी ठीक से निकला ही नहीं और जल्द खत्म हो गया। अभ्यर्थियों ने तंज कसते हुए कहा कि जिस वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, उसमें भी भ्रष्टाचार साफ नजर आ रहा है।
लगातार भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद एंबुलेंस में सवार होकर इस प्रदर्शन में शामिल हुए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि दिशोम गुरु शिबू सोरेन पूरी तरह स्वस्थ होते, तो वे छात्रों के साथ सशरीर खड़े होते।
मुख्यमंत्री के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि युवाओं को जन्मदिन पर ऐसा कोई उपहार न मिले, जिस पर खून का दाग हो या जिससे झारखंड कलंकित हो। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर ऐसा फैसला होना चाहिए जिससे राज्य का युवा वर्ग खुश हो सके।
VIDEO | Ranchi, Jharkhand: Police use water cannons to disperse the protesting students.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/R4db3zsGKO
— Press Trust of India (@PTI_News) August 10, 2026
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विधानसभा के आस-पास के इलाकों में धारा 163 लागू कर दी है। इसके बावजूद बैरिकेडिंग के आगे छात्र सड़क पर ही बैठ गए हैं। युवाओं का कहना है कि वे पूरी तरह से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं और उनकी केवल एक ही मांग है- नौकरियों की पूरी व्यवस्था निष्पक्ष और पारदर्शी बनाई जाए।