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    'छात्रों के लिए बेहद दर्दनाक', NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, NTA को लगाई फटकार

    NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच की निगरानी करने का फैसला लिया है।

    By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
    Publish Date: Fri, 29 May 2026 03:48:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 29 May 2026 04:05:28 PM (IST)
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    'छात्रों के लिए बेहद दर्दनाक', NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, NTA को लगाई फटकार
    NEET-UG 2026 Paper Leak: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त (AI Generated Image)

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट करेगा NEET-UG 2026 जांच की सीधी निगरानी
    2. NTA को परीक्षा लापरवाही पर अदालत ने कड़ी फटकार
    3. शिक्षा मंत्रालय से नई परीक्षा व्यवस्था पर हलफनामा मांगा

    डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच की कुछ समय तक स्वयं निगरानी करेगा। कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इस तरह की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों को इस प्रकार निराश नहीं किया जा सकता।

    शिक्षा मंत्रालय को अलग हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

    जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह एक अलग हलफनामा दाखिल करे। इस हलफनामे में यह बताया जाए कि NEET परीक्षाओं के संचालन की प्रक्रिया को किस प्रकार संस्थागत रूप से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि NTA हर वर्ष बेहतर और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कर सके।


    कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि विशेष प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति और विशेषज्ञों की व्यापक टीम के जरिए NTA के भीतर संस्थागत अनुभव और विशेषज्ञता कैसे विकसित की जाएगी।

    भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर जोर

    सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि NTA के पास पर्याप्त भौतिक और बौद्धिक संसाधन उपलब्ध हों। अदालत ने कहा कि 2024 और 2026 की NEET परीक्षा विवादों जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।

    The Supreme Court has directed the Centre — Ministry of Education, to file a separate affidavit detailing devising of a mechanism by which the process of conducting and concluding NEET examinations would be institutionalised by the NTA on a year-to-year basis.

    A bench of… pic.twitter.com/HzpwRTdGal

    — ANI (@ANI) May 29, 2026

    कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA को अपनी विस्तृत कार्ययोजना पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने NTA और इस मामले के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन द्वारा दाखिल जवाबों और हलफनामों का भी संज्ञान लिया।

    प्रधानमंत्री स्वयं रख रहे मामले पर नजर

    सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे घटनाक्रम पर सीधे नजर बनाए हुए हैं।

    उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और प्रभावी कदम उठाने की दिशा में कार्य कर रही है।