कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: वाराणसी में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, सेमीकॉन 2.0 और रेल विस्तार को मिली हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 15 जुलाई को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में दे...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 05:18:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 05:18:14 PM (IST)
वाराणसी में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर... कैबिनेट के 7 बड़े फैसलेHighLights
- कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से जुड़े 7 बड़े फैसले मंजूर
- वाराणसी में ₹10,998 करोड़ की लागत से बनेगा शानदार एलिवेटेड कॉरिडोर
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और मोबाइल PLI स्कीम के लिए भारी बजट को मंजूरी
डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 15 जुलाई को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में देश के विकास को गति देने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कुल 2,19,353 करोड़ रुपये के निवेश वाले सात बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की जानकारी दी।
वाराणसी का बदलेगा स्वरूप: एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी
वाराणसी के कायाकल्प के लिए सरकार ने दो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है।
- लिंक कॉरिडोर: नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने के लिए 46.039 किलोमीटर लंबा लिंक कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- भीड़ से मुक्ति: शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए वरुणा नदी के किनारे NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे मार्ग का विकास होगा।
- सुविधाएं: इस प्रोजेक्ट में 6/4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर, फ्लाईओवर, लूप और सर्विस रोड शामिल हैं। इसे 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से NHAI हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर पूरा करेगा। यह कॉरिडोर काशी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, प्रमुख जंक्शनों और घाटों तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
तकनीक और विनिर्माण में आत्मनिर्भरता: सेमीकॉन 2.0 और मोबाइल PLI
सरकार ने भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में दो बड़े कदम उठाए हैं...
- सेमीकंडक्टर मिशन: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (सेमीकॉन 2.0) के दूसरे चरण को 1.27 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ मंजूरी दी गई है।
- मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग: मोबाइल फोन प्रोडक्शन को प्रोत्साहित करने के लिए PLI स्कीम के दूसरे एडिशन में 62,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
यूरिया उत्पादन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
- यूरिया आत्मनिर्भरता: भारत को उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'यूरिया के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी' को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत देश भर में 9 नए यूरिया प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
- रेलवे विस्तार: रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली:
- 2,542 करोड़ रुपये की लागत से पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण (ट्रैक डबलिंग)।
- 1,365 करोड़ रुपये की लागत से डंगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन का निर्माण।
- इन फैसलों को देश की अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और औद्योगिक उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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