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    अगले 15 घंटों में मौसम लेगा करवट, एमपी-छत्तीसगढ़ समेत 11 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी

    आईएमडी के अनुसार, पिछले करीब दो सप्ताह से मॉनसून की गति धीमी होने के कारण वह एक ही स्थान पर ठहरा हुआ था, जिससे मैदानी क्षेत्रों में गर्म और शुष्क हवाओ...और पढ़ें

    By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
    Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 02:55:07 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 02:55:07 PM (IST)
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    अगले 15 घंटों में मौसम लेगा करवट, एमपी-छत्तीसगढ़ समेत 11 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग ने 11 राज्यों के लिए जारी की गाइडलाइन।

    HighLights

    1. मॉनसून की सुस्ती के बीच एक्टिव हुआ अब नया सिस्टम
    2. 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD की चेतावनी
    3. मौसम विभाग ने 11 राज्यों के लिए जारी की गाइडलाइन

    डिजिटल डेस्क। देश के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम में आए अचानक बदलाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित देश के 11 राज्यों में अगले 15 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है।

    मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बदलाव के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने और जान-माल के नुकसान की आशंका बनी हुई है।


    क्यों बदला मौसम का मिजाज?

    आईएमडी के अनुसार, पिछले करीब दो सप्ताह से मॉनसून की गति धीमी होने के कारण वह एक ही स्थान पर ठहरा हुआ था, जिससे मैदानी क्षेत्रों में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रकोप बढ़ गया था। लेकिन अब बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के मेल से एक बेहद मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसी वजह से उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े भूभाग में मौसम ने अचानक करवट ली है।

    इन इलाकों में मंडरा रहा है खतरा

    मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए इस महाअलर्ट के दायरे में उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं। इसके अलावा मध्य और पश्चिमी भारत के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़, तथा पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्रों के बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।

    प्रशासन की चेतावनी: घरों में रहें सुरक्षित

    मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ इन सभी राज्यों में बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता को आंधी-तूफान के दौरान बड़े पेड़ों, साइनबोर्ड और बिजली के टावरों व खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को एहतियातन सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को कहा गया है। खराब मौसम के चलते दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।

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    फसलों पर संकट, अन्नदाता परेशान

    इस मौसमी उथल-पुथल के बीच देश के किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जून का आधा महीना गुजर जाने के बाद भी मॉनसून की सुस्त चाल के कारण खरीफ की फसलों पर संकट मंडराने लगा है। समय पर पर्याप्त बारिश न होने से खेतों में सूखा जैसी स्थिति बन रही है, जिससे धान की रोपाई, गन्ने की सिंचाई, हरी सब्जियों की पैदावार और अन्य खरीफ फसलों की बुआई का काम बुरी तरह पिछड़ गया है। किसान अब टकटकी लगाए आसमान की ओर देख रहे हैं कि यह नया सिस्टम फसलों के लिए संजीवनी बनता है या आफत।