
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर से मानसून की विदाई से पहले मौसम एक बार फिर से करवट लेने वाला है। मानसूनी हवाओं ने पश्चिम से आने वाली हवाओं को पीछे धकेल दिया है।
ऐसे में मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बारिश का दौर फिर तेज हुआ है।
सितंबर का आधा महीना बीतने के बाद मानसून विदाई के लिए परिस्थितियां अभी अनुकूल नहीं है। मानसून विदाई से पहले उत्तर भारत को एक बार फिर से भीगाने वाले हैं। हरियाणा और पंजाब में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
देर से हो सकती है मानसून वापसी
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 20 सितंबर के आसपास एक और मौसमी सिस्टम बनने की संभावना है, जो मानसूनी गतिविधियों को आगे भी बनाए रख सकता है। यही कारण है कि इस बार मानसून की वापसी 17 सितंबर से आगे खिसक सकती है।
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IMD के अनुसार, उत्तर भारत में अगले कुछ दिन मानसून की सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। हिमाचल से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार तक तराई एवं आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की स्थिति नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के साथ मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल शुष्क मौसम रहने की संभावना है।