पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, ममता कार्यकाल की खुलेंगी बंद फाइलें, अफसरों पर कस सकता है CBI का शिकंजा
पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 13 May 2026 07:26:38 PM (IST)Updated Date: Wed, 13 May 2026 07:28:44 PM (IST)
HighLights
- सीबीआई जांच और अभियोजन की मंजूरी
- फाइलें चार वर्षों से नवान्न में लंबित पड़ी थीं
- सीबीआई नए सिरे से दर्ज कर सकती है एफआईआर
नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को उन अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच और अभियोजन की मंजूरी दे दी, जिनकी फाइलें पिछले चार वर्षों से नवान्न में लंबित पड़ी थीं।
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछली सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अधिकारियों को संरक्षण देने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को कार्रवाई की अनुमति नहीं दी थी। इसी वजह से कई बड़े मामलों की जांच फाइलों में दबकर रह गई थी।
अब राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के शिक्षक भर्ती घोटाले, नगर पालिका भर्ती अनियमितताओं और सहकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों को जरूरी मंजूरी सौंप दी है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार सख्त
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ के वादे को जमीन पर उतार रही है। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो।
नए सिरे से दर्ज होंगी FIR, हो सकती हैं गिरफ्तारियां
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब सीबीआई इन मामलों में नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर सकेगी। जांच एजेंसियां जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी कर सकती हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को बंगाल की नौकरशाही में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।