25 फरवरी को रखा जाएगा रोहिणी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग
सनातन परंपरा में फाल्गुन माह को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इसी माह महाशिवरात्रि का पर्व भी मनाया जाता है। फ ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Feb 2026 02:41:46 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Feb 2026 02:41:46 PM (IST)
रोहिणी व्रत धर्म डेस्क। सनातन परंपरा में फाल्गुन माह को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इसी माह महाशिवरात्रि का पर्व भी मनाया जाता है। फाल्गुन मास में पड़ने वाला रोहिणी व्रत भी विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जिसे जैन धर्म में श्रद्धा के साथ किया जाता है।
रोहिणी व्रत का महत्व
रोहिणी व्रत भगवान वासुपूज्य स्वामी को समर्पित है। इस दिन जैन धर्मावलंबी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। विवाहित महिलाएं और अविवाहित कन्याएं इस व्रत को श्रद्धा से करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से सुख, सौभाग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
रोहिणी व्रत की तिथि और मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी 25 फरवरी को रोहिणी व्रत रखा जाएगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र दोपहर 1:38 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार पूजा कर सकते हैं।
शुभ योग का संयोग
रोहिणी व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा, जबकि रवि योग रात भर प्रभावी रहेगा। साथ ही शिववास योग का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है।
पूजा विधि
व्रत के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान वासुपूज्य स्वामी की पंचोपचार पूजा करें। फल-फूल अर्पित कर आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
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